Saharanpur सहारनपुर : पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में सहारनपुर प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए रविवार को सीड बॉल (Seed Ball) विधि से वृक्षारोपण अभियान चलाया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बागपत रेंज टोल प्लाजा के पास स्थित जैनपुर क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन और मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने स्वयं सीड बॉल के माध्यम से वृक्षारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक हरित क्षेत्र विकसित करना और ऐसे स्थानों पर भी पौधों का प्राकृतिक रूप से विकास सुनिश्चित करना है, जहां पारंपरिक तरीके से पौधारोपण करना कठिन होता है। अधिकारियों ने कहा कि सीड बॉल तकनीक कम लागत, कम संसाधनों और अधिक सफलता वाली पर्यावरण अनुकूल पद्धति है, जो वन क्षेत्र बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि इस विधि में स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों के बीजों का उपयोग किया जाता है। इन बीजों को चिकनी मिट्टी और जैविक खाद के साथ मिलाकर लगभग एक इंच आकार की गोल गेंद (सीड बॉल) तैयार की जाती है। इसके बाद इन्हें खुले क्षेत्रों, खाली भूमि या वन क्षेत्र में फैलाया जाता है। वर्षा होने पर मिट्टी और नमी मिलने से बीज अंकुरित होने लगते हैं और धीरे-धीरे पौधे का रूप ले लेते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सीड बॉल के अंदर मौजूद मिट्टी और खाद बीज को शुरुआती समय में आवश्यक पोषण और सुरक्षा प्रदान करते हैं। इससे बीज सूखने या पक्षियों द्वारा खाए जाने की संभावना कम हो जाती है। अनुकूल मौसम और पर्याप्त वर्षा होने पर इन बीजों के अंकुरित होने की सफलता दर भी काफी अच्छी मानी जाती है।
जिलाधिकारी अरविन्द कुमार चौहान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। यदि अधिक से अधिक लोग इस प्रकार की तकनीकों को अपनाएं तो हरित क्षेत्र तेजी से बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण के दौर में वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और हर वर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन ने कहा कि सीड बॉल तकनीक विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी है, जहां नियमित सिंचाई या देखभाल संभव नहीं होती। इस विधि से प्राकृतिक तरीके से हरियाली बढ़ाने में मदद मिलती है और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प दोहराया और लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। यह पहल जिले में हरित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।