ऐरवाकटरा : ऐरवाकटरा थाना क्षेत्र के नगरिया राजाराम गांव में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक बुजुर्ग की हत्या का मामला सामने आया। खाने की थाली से कुत्ते के रोटी ले जाने के बाद पिता ने ताना दिया तो बेटा गुस्से में आ गया। आरोप है कि उसने 75 वर्षीय पिता कंचन सिंह नायक पर डंडे से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जानकारी परिवार तक छह वर्षीय पोती गुंजन के माध्यम से पहुंची।
कंचन सिंह नायक सोमवार दोपहर घर के बाहर बरामदे में चारपाई पर लेटे हुए थे। इसी दौरान उन पर हमला हुआ। उनकी पुत्रवधू कौशल्या के अनुसार, वह उस समय बकरी चराने गई थीं। छह वर्षीय बेटी गुंजन ने आकर उन्हें बताया कि चाचा ने बाबा को डंडा मारकर लहूलुहान कर दिया है। बच्ची से यह जानकारी मिलते ही कौशल्या घर पहुंचीं। वहां कंचन सिंह की मौत हो चुकी थी। बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
घटना की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विवाद खाने की थाली से कुत्ते के रोटी ले जाने के बाद हुआ। इस बात पर पिता की ओर से दिए गए ताने से बेटा नाराज हो गया। आरोप है कि इसी नाराजगी में उसने डंडे से पिता पर हमला किया। हालांकि, पिता ने क्या कहा था और दोनों के बीच बातचीत किस तरह बढ़ी, इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। उपलब्ध जानकारी में रोटी ले जाने की घटना के बाद हुए विवाद को हमले की वजह बताया गया है।
कौशल्या ने परिवार को घटना की जानकारी मिलने का क्रम बताया है। उनके अनुसार, वह घर पर मौजूद नहीं थीं और बकरी चराने गई हुई थीं। गुंजन उनके पास पहुंची और बाबा पर हमले की बात बताई। इसके बाद कौशल्या घटनास्थल पर पहुंचीं। उनके बयान में बच्ची द्वारा दी गई सूचना और घर लौटने पर कंचन सिंह की मृत्यु हो चुकी होने का उल्लेख है। इस विवरण को कौशल्या के हवाले से ही समझना जरूरी है।
कंचन सिंह की पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। परिवार में उनके दो बेटे रवि नायक और आजाद नायक तथा तीन बेटियां हैं। बड़ा बेटा रवि गांव से बाहर रहकर काम करता है। उसकी पत्नी कौशल्या गांव में बच्चों के साथ रहती हैं। इस तरह सोमवार को घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। रवि बाहर काम कर रहा था और कौशल्या बकरी चराने गई थीं। गुंजन ने ही अपनी मां तक हमले की जानकारी पहुंचाई।
कौशल्या के पांच बच्चे हैं। रिश्तेदारी में एक कार्यक्रम होने के कारण गुंजन को छोड़कर बाकी बच्चे बाहर गए हुए थे। इसलिए घटना के समय छह वर्षीय गुंजन गांव में थी। बच्ची ने अपनी मां को बताया कि चाचा ने बाबा को डंडा मारा है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उसने पूरा घटनाक्रम देखा था या हमले के बाद की स्थिति देखकर मां को सूचना दी। इसलिए उसे पूरी वारदात की प्रत्यक्षदर्शी बताना उचित नहीं होगा।
बरामदे में चारपाई पर लेटे कंचन सिंह पर हुए हमले ने परिवार को अचानक संकट में डाल दिया। कौशल्या के पहुंचने तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने और मौके पर पहुंचने के बीच के समय का अलग ब्योरा उपलब्ध नहीं है। किसी अस्पताल ले जाए जाने या उपचार किए जाने का उल्लेख भी नहीं किया गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, कौशल्या ने घर पहुंचकर बुजुर्ग को मृत पाया और इसके बाद परिवार में शोक की स्थिति बन गई।
पुलिस ने घटना के आरोपी को गिरफ्तार किया है। उपलब्ध विवरण में गिरफ्तारी की पुष्टि है, लेकिन आरोपी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है। परिवार में दो बेटों के नाम दिए गए हैं, पर केवल इसी आधार पर किसी एक को आरोपी घोषित करना सही नहीं होगा। इसी तरह गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने क्या कहा या पुलिस को क्या जानकारी दी, उसका विवरण नहीं है। मामले में फिलहाल बेटे पर पिता की हत्या का आरोप और उसकी गिरफ्तारी सामने आई है।
हमले में डंडे के इस्तेमाल की बात कही गई है। हालांकि, डंडा बरामद किए जाने, चोटों की संख्या या किसी चिकित्सकीय रिपोर्ट का विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन विषयों पर अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता। घटना सोमवार दोपहर करीब तीन बजे नगरिया राजाराम गांव में हुई बताई गई है। बुजुर्ग की उम्र 75 वर्ष थी। परिवार की ओर से मिली जानकारी में चारपाई पर लेटे होने, पोती द्वारा सूचना देने और पुत्रवधू के पहुंचने तक मृत्यु हो जाने का क्रम सामने आता है।
खाने की थाली से कुत्ते के रोटी ले जाने के बाद शुरू हुआ विवाद बुजुर्ग की मौत तक पहुंच गया। आरोप है कि पिता के ताने से नाराज बेटे ने डंडे से हमला किया। कंचन सिंह की पुत्रवधू कौशल्या ने बताया कि गुंजन से सूचना मिलने के बाद वह घर पहुंचीं, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना से जुड़े आगे के विवरण सामने आने पर हमले और विवाद की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।