लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं और कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बरेली और कानपुर से सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं में छह वर्षीय बच्ची और 69 वर्षीय किसान की जान चली गई। बरेली में घर के बाहर खेल रही बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। वहीं कानपुर में खेत देखने जा रहे बुजुर्ग किसान को एक सांड ने उठाकर कई बार जमीन पर पटक दिया। इन घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा है, जबकि स्थानीय लोगों ने आवारा जानवरों के बढ़ते हमलों पर नाराजगी जताई है।
बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र स्थित लटूरी गांव में रविवार दोपहर दर्दनाक घटना हुई। गांव निवासी इशाक खां की छह वर्षीय बेटी इनायत अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान वहां घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया। कुत्तों ने उसे घेर लिया और बुरी तरह नोचने लगे। बच्ची की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद कुत्तों को वहां से भगाया, लेकिन तब तक इनायत गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। परिजन उसे तत्काल अटाकायस्थान गांव के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। छह वर्षीय मासूम की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलने पर सीबीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी ली। मौके पर हल्का लेखपाल भी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव और उसके आसपास आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ये कुत्ते झुंड में घूमते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बना रहता है। बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग की है।
दूसरी घटना कानपुर के नौबस्ता क्षेत्र स्थित लालपुर गांव में हुई। यहां 69 वर्षीय किसान उमाशंकर साहू पर एक आवारा सांड ने हमला कर दिया। परिजनों के मुताबिक उमाशंकर खेती-किसानी करते थे। शनिवार तड़के करीब तीन बजे वह गांव के पास स्थित बंटाई के खेत देखने के लिए घर से निकले थे।
खेत के दोनों ओर तार लगे होने के कारण वहां का रास्ता काफी संकरा है। इसी दौरान एक सांड ने किसान को दौड़ा लिया। रास्ता संकरा होने के कारण वह खुद को बचाकर निकल नहीं सके। सांड ने उन्हें सींगों से उठाकर कई बार जमीन पर पटका। किसान के अचेत होकर गिरने के बाद भी सांड ने हमला जारी रखा और उन्हें सींगों तथा पैरों से रौंदता रहा।
उमाशंकर की चीख सुनकर गांव के विश्राम पासवान सहित कई लोग लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसी तरह सांड को खदेड़ा और किसान के परिजनों को घटना की सूचना दी। परिवार के लोग गंभीर रूप से घायल उमाशंकर को गल्ला मंडी रेसकोर्स मैदान के पास स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
किसान की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। रविवार सुबह उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन भी दिया। साथ ही स्थानीय कार्यकर्ता को पीड़ित परिवार की मदद पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
बरेली और कानपुर की इन घटनाओं ने आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को कुत्तों और बेसहारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नियमित अभियान चलाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।