सहारनपुर :कांवड़ यात्रा के अंतिम पड़ाव के बीच रविवार शाम सहारनपुर का घंटाघर क्षेत्र पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट रहे कांवड़ियों के स्वागत के लिए नगर निगम की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, व्यापारियों, कांवड़ शिविर संचालकों और पार्षदों ने शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। फूलों की पंखुड़ियों से घंटाघर की सड़कें सज गईं और पूरा इलाका ‘बोल बम’ तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।
कांवड़ियों के स्वागत के लिए घंटाघर पर नगर निगम की ओर से मंच तैयार किया गया था। जैसे ही हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़िए वहां से गुजरने लगे, मंच से उन पर गुलाब और गेंदे के फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गईं। पुष्प वर्षा होते ही शिवभक्तों में भी उत्साह देखने को मिला। कांवड़िए हाथों में कांवड़ लिए जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने भी भगवान शिव के जयकारे लगाए और कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह राणा समेत कई पार्षद और जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। स्वागत के दौरान कुछ जनप्रतिनिधि शिवभक्तों के साथ झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए। कांवड़ियों ने भी पूरे उत्साह के साथ जयकारों का जवाब दिया। इससे घंटाघर क्षेत्र का माहौल कुछ समय के लिए पूरी तरह भक्तिमय हो गया। सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों ने कांवड़ियों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।
नगर निगम के मंच से महापौर डॉ. अजय कुमार, नगर विधायक राजीव गुंबर, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह राणा, मुजफ्फरनगर से स्थानीय निकाय सीट की एमएलसी वंदना वर्मा, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा और पूर्व मंत्री संजय गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कांवड़ियों का अभिनंदन किया। सभी ने शिवभक्तों का स्वागत करते हुए उनकी यात्रा के सफल और सुरक्षित रूप से पूरा होने की कामना की। साथ ही भगवान भोलेनाथ से महानगरवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की गई।
घंटाघर पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग कांवड़ियों के स्वागत के लिए पहुंचे। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पैदल अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों की लंबी कतारें दिखाई देती रहीं। भगवा रंग से सजे कांवड़ मार्ग और लगातार गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक उत्साह से भर दिया। पुष्प वर्षा के दौरान कांवड़ियों में भी खासा उत्साह दिखाई दिया।
महापौर डॉ. अजय कुमार ने कांवड़ यात्रा को भारतीय संस्कृति, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धार्मिक चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से नगर निगम कांवड़ यात्रा को भव्य, दिव्य और अलौकिक बनाने के लिए अपनी भूमिका निभा रहा है। यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने में जुटे नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ कांवड़ शिविर संचालकों का भी उन्होंने आभार जताया।
नगर विधायक राजीव गुंबर ने भी शिवभक्तों के स्वागत को सौभाग्य की बात बताया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस यात्रा के माध्यम से भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की सेवा और उनके स्वागत से लोगों को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जुड़ाव का भी अवसर मिलता है।
कांवड़ यात्रा को देखते हुए सहारनपुर में अलग-अलग स्थानों पर शिवभक्तों के लिए शिविर और सेवा केंद्र भी लगाए गए हैं। इन स्थानों पर कांवड़ियों के लिए भोजन, पानी, विश्राम और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से भी कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
रविवार शाम घंटाघर पर हुए कार्यक्रम ने कांवड़ यात्रा के माहौल को और भव्य बना दिया। भगवा झंडों, फूलों की पंखुड़ियों, कांवड़ियों की कतारों और ‘बोल बम’ के जयघोष के बीच पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा रहा। जनप्रतिनिधियों और आम लोगों ने जिस तरह कांवड़ियों का स्वागत किया, उससे शिवभक्तों का उत्साह भी बढ़ा। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़िए लगातार आगे बढ़ते रहे और लोगों के स्वागत का अभिवादन करते दिखाई दिए।
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में सहारनपुर का यह नजारा धार्मिक आस्था और उत्साह का खास उदाहरण बना। घंटाघर पर उमड़े आस्था के सैलाब ने शहर में कांवड़ यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया। देर शाम तक क्षेत्र में शिवभक्तों की आवाजाही और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे सुनाई देते रहे। नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की ओर से आयोजित स्वागत कार्यक्रम के चलते सहारनपुर का घंटाघर क्षेत्र काफी देर तक शिवमय नजर आया।