लखनऊ : साल 2022 के 19वें एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर देश और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले तीन खिलाड़ियों को अब सरकारी सेवा में नई जिम्मेदारी मिलने जा रही है। नितिश कुमार, अजय कुमार सरोज और नीरज को उत्तर प्रदेश में जिला युवा कल्याण अधिकारी के पद पर नियुक्त किया जाएगा। बुधवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई कमेटी की बैठक में इन खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कमेटी ने तीनों खिलाड़ियों की नियुक्ति के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है।
बैठक में खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों और खेल के क्षेत्र में उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया। सरकार की ओर से संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि खिलाड़ियों की नियुक्ति से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं। अधिकारियों से यह भी कहा गया कि प्रक्रिया में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और अवसर देना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। सरकारी सेवा में नियुक्ति इसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है।
जिन तीन खिलाड़ियों को जिला युवा कल्याण अधिकारी बनाए जाने पर सहमति बनी है, उन्होंने 2022 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित 19वें एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया था। नौकायन यानी रोइंग की पुरुष स्पर्धा में नितिश कुमार और नीरज ने रजत पदक हासिल किया था। वहीं एथलेटिक्स की पुरुष 1500 मीटर दौड़ में अजय कुमार सरोज ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था।
एशियन गेम्स में पदक जीतना इन खिलाड़ियों के करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। अब खेल मैदान में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के बाद उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिलेगा। जिला युवा कल्याण अधिकारी के तौर पर वे युवाओं और खेल प्रतिभाओं से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभा सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों की मौजूदगी से प्रदेश में खेल गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।
बैठक में अधिकारियों को भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी पदों के सृजन और नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को खेल करियर के बाद रोजगार और प्रशासनिक क्षेत्र में अवसर मिलने से युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा।
इस निर्णय के बाद खेल जगत में भी इसे खिलाड़ियों के सम्मान और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के सामने खेल करियर के बाद रोजगार और स्थायी भविष्य को लेकर सवाल खड़े होते हैं। ऐसे में सरकारी सेवा में नियुक्ति मिलने से इन खिलाड़ियों को अपने अनुभव का उपयोग व्यापक स्तर पर करने का अवसर मिलेगा।
बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख सचिव नियुक्ति एम देवराज, सचिव खेल सुहास एलवाई और खेल निदेशक आरपी सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने खिलाड़ियों की नियुक्ति से संबंधित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर चर्चा की।
इसी बीच उत्तर प्रदेश टी-20 लीग के चौथे सीजन को लेकर भी प्रदेश में खेल गतिविधियां तेज हो गई हैं। लीग के आगाज से तीन दिन पहले मंगलवार को यूपी टी-20 लीग गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर और सभी छह टीमों के कप्तान ट्रॉफी के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें लीग से जुड़े कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी कप्तानों को बधाई देते हुए कहा कि यूपी टी-20 लीग प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण खेल मंच बन रही है। इससे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का अवसर मिलता है। डॉ. संजय कपूर ने भी कहा कि लीग को लेकर दर्शकों में उत्साह है और इस सीजन में नए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
कुल मिलाकर, एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को जिला युवा कल्याण अधिकारी बनाए जाने का फैसला उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को सम्मान देने और उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रदेश के युवा खेल प्रतिभाओं को भी नई उम्मीद और प्रेरणा मिलने की संभावना है।