गंगा के जलस्तर में 28 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी, येलो अलर्ट के करीब पहुंचा पानी

Update: 2026-07-30 06:28 GMT

गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले 24 घंटों में गंगा के पानी में 28 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है।

बुधवार को गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट के स्तर से महज 27 सेंटीमीटर नीचे रह गया। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को सतर्क रहने और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ी इलाकों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिसका सीधा प्रभाव गंगा के प्रवाह पर पड़ रहा है। नदी में पानी बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, गंगा के जलस्तर में वृद्धि पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी किनारे बसे गांवों में स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों को सक्रिय कर दिया गया है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

बारिश के मौसम में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस बार लगातार हो रही वर्षा के कारण पानी तेजी से बढ़ रहा है। पहाड़ों में हुई बारिश का असर कुछ समय बाद मैदानी इलाकों की नदियों में दिखाई देता है। इसी वजह से गंगा के किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर आ गया है।

गढ़मुक्तेश्वर और आसपास के इलाकों में गंगा का बढ़ता जलस्तर स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन रहा है। खासकर उन गांवों के लोग अधिक सतर्क हैं, जो नदी के नजदीक बसे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को हालात पर नजर रखने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए भी योजनाएं तैयार रखी जा रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन ने नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने का फैसला किया है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा और बारिश की स्थिति के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी ने एक बार फिर नदी किनारे बसे क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रशासन की कोशिश है कि समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

फिलहाल गंगा का पानी येलो अलर्ट के करीब पहुंच चुका है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के आधार पर जलस्तर में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

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