Budhana में पौधों से सजे सरकारी परिसर, गोष्ठी में वन विभाग ने बताए पेड़ों के फायदे

Update: 2026-07-12 16:29 GMT

grow old बुढ़ाना : बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से रविवार को बुढ़ाना क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। तहसील, थाना परिसर सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में पौधे लगाए गए। इसी क्रम में समीपवर्ती गांव फुगाना में ग्राम प्रधान और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

गांव फुगाना में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व ग्राम प्रधान जितेंद्र मलिक ने किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। सभी ने उत्साह के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और लोगों ने लगाए गए पौधों की देखभाल का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मौजूद वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पौधे केवल हरियाली का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण और संतुलित पारिस्थितिकी का आधार हैं।

वृक्ष पृथ्वी के फेफड़े हैं: रेंजर सुशील कुमार

पौधरोपण के बाद ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए विशेष पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) सुशील कुमार ने वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि वृक्ष हमारी पृथ्वी के फेफड़ों के समान हैं, जो वातावरण को शुद्ध रखने के साथ हमें जीवनदायी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पेड़ों की संख्या लगातार कम होती रही तो आने वाले समय में पर्यावरण संतुलन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।

रेंजर ने ग्रामीणों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी पूरी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करे। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे बड़ा करना और सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।

ग्रामीणों ने लिया संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम में ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। महिलाओं और बच्चों ने भी पौधरोपण में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। ग्रामीणों ने कहा कि पेड़-पौधे आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर हैं और इनका संरक्षण सभी का कर्तव्य है।

ग्राम प्रधान जितेंद्र मलिक ने कहा कि गांव को हरा-भरा बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पौधरोपण अभियान को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी और देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने वन विभाग और ग्रामीणों का सहयोग के लिए आभार जताया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति को बचाने का संकल्प दोहराया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। अधिकारियों ने कहा कि जनभागीदारी से ही हरित और स्वच्छ वातावरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

Tags:    

Similar News