रामपुर : मायके की जमीन बेचने से इनकार करना एक महिला के लिए कथित तौर पर जानलेवा साबित हुआ। नसरीन नाम की महिला की हत्या के मामले में उसके पति पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पति लगातार नसरीन पर मायके की जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। नसरीन इसके लिए तैयार नहीं हुई तो विवाद इतना बढ़ गया कि उसके हाथ-पैर बांधकर उसे बिजली का करंट लगाया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। महिला के मायके पक्ष ने पति पर हत्या का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
 मायके की जमीन पर थी पति की नजर
परिजनों के आरोप के मुताबिक नसरीन के मायके में जमीन थी। उसका पति चाहता था कि नसरीन उस जमीन को बेचने के लिए तैयार हो जाए। जमीन बेचने के बाद मिलने वाली रकम को लेकर भी दोनों के बीच विवाद होने की बात कही जा रही है। नसरीन अपनी मायके की संपत्ति बेचने के पक्ष में नहीं थी।
इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच पहले भी विवाद होता रहता था। आरोप है कि पति बार-बार नसरीन पर दबाव बनाता था, लेकिन वह अपने फैसले पर कायम रही। धीरे-धीरे जमीन का विवाद दांपत्य जीवन में तनाव की बड़ी वजह बन गया।
परिवार का आरोप है कि नसरीन को जमीन बेचने के लिए मानसिक रूप से परेशान भी किया जाता था। जब दबाव के बावजूद उसने इनकार किया तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना की गई।
हाथ-पैर बांधकर करंट लगाने का आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप नसरीन की मौत के तरीके को लेकर लगाया गया है। मायके पक्ष के अनुसार नसरीन के हाथ-पैर बांधे गए और इसके बाद उसे बिजली का करंट दिया गया। आरोप है कि करंट लगने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई और आखिरकार उसकी जान चली गई।
नसरीन की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों को पूरे मामले पर शक हुआ। उन्होंने महिला के शरीर पर मिले कथित निशानों और परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और हत्या के एंगल से जांच शुरू हुई।
हालांकि महिला की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से ही पूरी तरह स्पष्ट होगा। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला को किस तरह करंट लगा और घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था।
पति पर हत्या का आरोप
नसरीन के मायके वालों ने सीधे उसके पति को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिवार का कहना है कि जमीन बेचने से इनकार करने के कारण नसरीन को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका आरोप है कि आखिरकार इसी विवाद के चलते उसकी हत्या कर दी गई।
परिजनों ने पुलिस के सामने पुराने विवादों के बारे में भी जानकारी दी है। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पति-पत्नी के बीच विवाद कब से चल रहा था और क्या नसरीन ने इससे पहले कभी अपने साथ होने वाली प्रताड़ना की जानकारी परिवार, पड़ोसियों या पुलिस को दी थी।
परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस उन लोगों से पूछताछ कर सकती है जिन्होंने घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद देखा या सुना हो।
 घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी पुलिस
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले से जुड़े संभावित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। बिजली के तार या अन्य उपकरण का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों को देखते हुए फॉरेंसिक साक्ष्य महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि घटनास्थल की परिस्थितियां परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों से मेल खाती हैं या नहीं। महिला के शरीर पर चोट या करंट के निशान मिलने की स्थिति में उनकी प्रकृति का भी चिकित्सकीय परीक्षण किया जाएगा।
मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि घटना से पहले नसरीन ने किसी परिजन से बातचीत की थी या अपनी परेशानी के बारे में किसी को बताया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
नसरीन की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण होगी। पोस्टमार्टम के जरिए मौत का समय और प्राथमिक कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। शरीर पर किसी तरह की चोट, बांधे जाने के निशान या इलेक्ट्रिक शॉक से जुड़े प्रमाण मिलने पर जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी जरूरत पड़ने पर घटनास्थल से बरामद वस्तुओं की जांच करेंगे। पुलिस का प्रयास वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह निर्धारित करना होगा कि महिला की मौत दुर्घटना थी या उसकी जान जानबूझकर ली गई।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि घटना के बाद महिला को अस्पताल ले जाने या उसकी जान बचाने का प्रयास किया गया था या नहीं। घटना और पुलिस को सूचना दिए जाने के बीच के समय की भी जांच हो सकती है।
जमीन विवाद की पूरी कहानी खंगाल रही पुलिस
इस मामले में जमीन विवाद को हत्या की कथित वजह बताया जा रहा है। ऐसे में पुलिस मायके की जमीन से संबंधित दस्तावेज और संपत्ति की स्थिति की भी जांच कर सकती है। यह पता लगाया जाएगा कि जमीन किसके नाम पर थी और उसे बेचने को लेकर वास्तव में कोई बातचीत या दबाव चल रहा था या नहीं।
यदि जमीन की बिक्री को लेकर पहले किसी तरह का समझौता, बातचीत या विवाद हुआ था तो उससे जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। इससे पुलिस को कथित हत्या के पीछे के मकसद को स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
नसरीन के परिवार की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं, लेकिन आपराधिक मामले में आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही होती है। इसलिए पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
घरेलू प्रताड़ना के पुराने आरोपों की भी पड़ताल
पुलिस के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि नसरीन के साथ पहले कभी मारपीट या घरेलू हिंसा हुई थी या नहीं। यदि परिवार ने पहले किसी विवाद में हस्तक्षेप किया था या पंचायत अथवा पुलिस तक मामला पहुंचा था तो उसका रिकॉर्ड भी जांच का हिस्सा बन सकता है।
महिला ने अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से पति के व्यवहार के बारे में क्या कहा था, इसकी जानकारी भी जुटाई जा सकती है। ऐसे बयान घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद कर सकते हैं।
परिजनों ने मांगा इंसाफ
नसरीन की मौत के बाद मायके पक्ष में आक्रोश है। परिवार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि नसरीन को जमीन के लिए परेशान किया गया और जब उसने अपनी संपत्ति बेचने से इनकार कर दिया तो उसकी जान ले ली गई।
फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही इस सनसनीखेज मौत की पूरी तस्वीर साफ होगी। अगर जांच में हाथ-पैर बांधकर करंट लगाने और हत्या करने के आरोपों की पुष्टि होती है तो आरोपी के खिलाफ गंभीर आपराधिक धाराओं में कार्रवाई हो सकती है।
नसरीन की मौत ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और संपत्ति को लेकर परिवार के भीतर होने वाले विवादों की गंभीरता को सामने ला दिया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि नसरीन के साथ आखिरी समय में वास्तव में क्या हुआ और उसकी मौत के लिए कौन जिम्मेदार है।
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