बिजनौर बैराज का असर: अनूपशहर के घाट डूबे, सड़क पर चढ़ा पानी, प्रशासन सतर्क

बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने पर घाट और सड़क जलमग्न

Update: 2026-07-31 01:02 GMT
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के अनूपशहर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बिजनौर बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंगा किनारे के कई घाट जलमग्न हो गए हैं, जबकि नदी किनारे की सड़कें भी पानी में डूब गई हैं। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है और संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
प्रशासन के अनुसार बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी का असर अनूपशहर क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण कई प्रमुख घाटों तक पहुंचने वाले रास्ते पानी में डूब गए हैं। नदी के किनारे बसे लोगों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने तथा नदी के करीब न जाने की अपील की गई है।
घाट और सड़कें पानी में डूबीं
जलस्तर बढ़ने के कारण अनूपशहर के कई घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। घाटों की सीढ़ियां पानी में समा गई हैं और किनारे की संपर्क सड़कें भी डूबने लगी हैं। प्रशासन ने इन इलाकों में लोगों की आवाजाही सीमित करने के लिए बैरिकेडिंग कर दी है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। तहसील और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा नावों, लाइफ जैकेट, गोताखोरों और अन्य राहत संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने ग्राम प्रधानों और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए रखने को कहा है।
निचले इलाकों पर विशेष नजर
गंगा किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो इन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी भी की गई है। राजस्व विभाग की टीमें संभावित प्रभावित गांवों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को चेतावनी
गंगा स्नान और धार्मिक गतिविधियों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन ने अपील की है कि वे नदी के तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए घाटों पर जाने से बचें। नदी के किनारे फोटो खींचने या पानी के करीब जाने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार हो रही निगरानी
सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर की हर घंटे निगरानी कर रहे हैं। बिजनौर बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी सूचना पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
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