मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रतनपुरी थाना क्षेत्र के सठेड़ी गांव में दो दिनों से लापता एक मासूम बच्चे का शव नेशनल हाईवे-58 के पास गन्ने के खेत से बरामद हुआ है। बच्चे की गला दबाकर हत्या किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने इस वारदात के सिलसिले में परिवार से जुड़े एक नाबालिग किशोर को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में किशोर ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया। बच्चे के हाथ-पैर बंधे होने और गले में फंदा मिलने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, रतनपुरी थाना क्षेत्र के सठेड़ी गांव निवासी जमशेद का बेटा अमन 28 अक्टूबर को अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी देर तक बच्चे के घर नहीं लौटने पर उसकी तलाश शुरू की। परिवार के सदस्यों ने आसपास के घरों, गलियों और गांव के अन्य स्थानों पर बच्चे को खोजा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती गई।

बच्चे के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की। परिजनों ने गांव में रहने वाले एक किशोर पर संदेह जताया। संदेह के आधार पर पुलिस ने किशोर से पूछताछ की, जिसके बाद पूरे मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नाबालिग ने कथित तौर पर बच्चे की हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस उसे लेकर उस स्थान पर पहुंची, जहां शव छिपाए जाने की जानकारी दी गई थी। नेशनल हाईवे-58 के पास स्थित गन्ने के खेत से बच्चे का शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

गन्ने के खेत में मिला मासूम का शव

जिस स्थान से बच्चे का शव बरामद हुआ, वह गन्ने का खेत बताया जा रहा है। शव के हाथ-पैर बंधे होने और गले में फंदा मिलने की जानकारी के बाद घटना की गंभीरता और बढ़ गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की।

इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे मौत के वास्तविक कारण और अन्य चिकित्सकीय तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। प्रारंभिक जानकारी में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है, हालांकि घटना के सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है।

बच्चे के शव की बरामदगी के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जिस बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में परिजन लगातार तलाश कर रहे थे, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

पारिवारिक विवाद से जुड़ी बताई जा रही वारदात

इस हत्याकांड में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस किशोर पर हत्या का आरोप लगा है, वह मृतक बच्चे का चचेरा भाई बताया जा रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना के पीछे परिवार में पहले हुआ विवाद और नाराजगी संभावित कारण के रूप में सामने आए हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, चोरी के एक आरोप को लेकर परिवार के भीतर विवाद हुआ था। इस दौरान किशोर की पिटाई किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इसी घटना से नाराज होकर किशोर ने अपने छोटे चचेरे भाई को निशाना बनाया।

हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों और कथित बदले की भावना के संबंध में पुलिस की जांच जारी है। पूछताछ में सामने आए बयानों की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी बाकी है।

नाबालिग किशोर से पूछताछ में हुआ खुलासा

परिजनों की ओर से संदेह जताए जाने के बाद पुलिस ने किशोर से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि इसी पूछताछ के दौरान हत्या की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने किशोर की निशानदेही पर शव बरामद किया।

इस मामले में आरोपी किशोर की उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 15 से 17 वर्ष के बीच का उल्लेख किया गया है। मृतक बच्चे की उम्र भी विभिन्न रिपोर्टों में आठ से दस वर्ष बताई गई है। ऐसे में सही उम्र की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर होगी।

किशोर के नाबालिग होने के कारण उसके मामले में किशोर न्याय संबंधी कानूनी प्रावधान लागू होंगे। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। पुलिस को मामले की जांच के दौरान संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

मासूम की मौत से गांव में शोक

सठेड़ी गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। एक छोटे बच्चे की हत्या और परिवार से जुड़े किशोर पर आरोप लगने से ग्रामीण स्तब्ध हैं। घटना ने पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गन्ने के खेतों के बीच बने रास्तों पर आवाजाही सामान्य बात है। लेकिन इस घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा और उनके आवागमन पर निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

मासूम के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की घटनाओं ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन अब पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों से स्पष्ट होंगे तथ्य

पुलिस के सामने अब घटना के पूरे क्रम को स्पष्ट करने की चुनौती है। बच्चे को किस समय और किन परिस्थितियों में खेत तक ले जाया गया, हत्या कैसे की गई और वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इन सवालों के जवाब जांच में सामने आएंगे।

पुलिस को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर मामले की परिस्थितियों की पुष्टि करनी होगी।

गौरतलब है कि केवल पूछताछ में कथित स्वीकारोक्ति के आधार पर किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं माना जा सकता। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा।

फिलहाल मुजफ्फरनगर के सठेड़ी गांव में मासूम की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिजनों को जिस बच्चे के सकुशल घर लौटने का इंतजार था, उसकी मौत ने परिवार की खुशियां छीन लीं। अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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