जौनपुर। युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और उन्हें विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रविवार को 'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान' का शुभारंभ किया गया। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और उत्तर प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर शुरू हुआ यह अभियान देशभर में 100 सप्ताह तक चलाया जाएगा।
विश्वविद्यालय परिसर के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संदेश के लाइव प्रसारण से हुई। इसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी), नई दिल्ली के कलाकारों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित प्रभावशाली लघु नाटक प्रस्तुत किया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया कि किस तरह नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशियों और समाज की प्रगति को प्रभावित करता है। नाटक में जागरूकता, आत्मसंयम और सामूहिक प्रयासों के जरिए नशे से मुक्ति का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अगर देश का युवा वर्ग मजबूत इच्छाशक्ति के साथ संकल्प ले तो समाज से नशे जैसी गंभीर समस्या को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत केवल सरकार का अभियान नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग की भागीदारी से सफल होने वाला जन आंदोलन है।
कुलपति ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त होगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को नशा न करने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को शिक्षा, शोध, नवाचार, खेल और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगाने की अपील की।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली अपनाकर युवा अपने भविष्य के साथ-साथ देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
वित्तीय अध्ययन विभाग के शोधार्थी उद्देश्य सिंह ने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नशे से मुक्त समाज ही मजबूत और प्रगतिशील राष्ट्र की नींव रख सकता है। वहीं एनसीसी कैडेट अदिति मिश्रा ने 'नशा मुक्त युवा और विकसित भारत' विषय पर प्रेरक वक्तव्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम से पहले छात्र-छात्राओं ने विकसित भारत-2047 और नशा मुक्त युवा अभियान के लिए बनाए गए विशेष सेल्फी स्टैंड पर प्रधानमंत्री के चित्र के साथ सेल्फी लेकर अभियान के प्रति अपना समर्थन जताया। इस दौरान युवाओं में अभियान को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
अभियान के संयोजक एवं नशा मुक्त परिसर एवं समाज अभियान के समन्वयक डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय वर्ष 2023 से नशा मुक्त परिसर अभियान चला रहा है। अब इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत अगले 100 सप्ताह तक विश्वविद्यालय में जागरूकता रैली, कार्यशाला, संवाद कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों का 'माई भारत' पोर्टल पर ई-प्लेज एवं प्रमाणपत्र के लिए पंजीकरण कराएं। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी रक्षित प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया गया।