करंट से लाइनमैन की मौत, विभाग पर सवाल

Update: 2026-07-19 04:54 GMT

वाराणसी :  तेलियाबाग इलाके में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पेड़ों की डालियों की छंटाई का काम करते समय आउटसोर्सिंग पर तैनात एक लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान शिव प्रकाश यादव (35) के रूप में हुई है। घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, शिव प्रकाश यादव बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहा था। शनिवार को तेलियाबाग क्षेत्र में बिजली लाइनों के आसपास बढ़ी हुई पेड़ों की डालियों की छंटाई का काम चल रहा था। इसी दौरान वह सीढ़ी लगाकर डालियों की कटाई में सहयोग कर रहा था। काम के दौरान अचानक उसे बिजली का तेज झटका लगा, जिससे वह संतुलन खो बैठा और सीढ़ी से नीचे जमीन पर गिर गया।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद उसके साथी कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे उठाया और इलाज के लिए मंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

मृतक शिव प्रकाश यादव की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और काम के दौरान उचित सावधानी बरती जाती, तो इस हादसे को रोका जा सकता था। परिजनों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इस हादसे के बाद विभागीय लापरवाही की बात भी सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मृतक एक अकुशल कर्मचारी था और वह बिजली के खंभे पर चढ़कर काम नहीं करता था। प्रशिक्षित लाइनमैन उससे केवल सहयोग का काम लेते थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर उसे संवेदनशील बिजली लाइन के पास काम करने के लिए क्यों लगाया गया और क्या काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।

स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से कई बार ऐसे कार्य भी कराए जाते हैं, जिनके लिए उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण या सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं होते। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली से जुड़े कार्यों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

घटना के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई। विभाग की ओर से घटना की जांच कराने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने बिजली विभाग में काम करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार उन्हें सीमित संसाधनों और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के बिना काम करना पड़ता है। उनका कहना है कि विभाग को कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए जरूरी प्रशिक्षण, उपकरण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।

बिजली लाइन के आसपास पेड़ों की छंटाई जैसे कार्य बेहद सावधानी से किए जाने वाले काम हैं। ऐसे कार्यों के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करना, सुरक्षा उपकरण पहनना और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करना जरूरी होता है। नियमों की अनदेखी होने पर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना के बाद बिजली विभाग से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विभाग को ठोस कदम उठाने चाहिए।

फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग की ओर से मामले की जांच की जा रही है। शिव प्रकाश यादव की मौत ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया है, वहीं इस घटना ने बिजली विभाग में कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार था और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बिजली जैसे जोखिम वाले कार्यों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

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