सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की आड़ में ले जाई जा रही अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। बुधवार, 14 अक्टूबर की देर रात पंचमुखी हनुमान मंदिर से आगे चुर्क मार्ग पर खड़े एक संदिग्ध ट्रक की तलाशी लेने पर पुलिस को कोल्ड ड्रिंक की पेटियों के नीचे छिपाकर रखी गई शराब मिली। ट्रक से कुल 625 पेटियों में 9,588 शीशी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसके अलावा लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की 1,275 यूनिट भी मिलीं। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शराब, ट्रक और अन्य सामान की कुल कीमत लगभग 93 लाख रुपये आंकी गई है।
पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास खड़ा था संदिग्ध ट्रक
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात राबर्ट्सगंज कोतवाली और एसओजी की संयुक्त टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पंचमुखी हनुमान मंदिर से आगे चुर्क की ओर सड़क से हटकर एक मैदान में संदिग्ध ट्रक खड़ा है।सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रक की जांच शुरू की।
ट्रक के केबिन में दो व्यक्ति मौजूद थे। पुलिस ने उनसे वाहन में लदे सामान के बारे में पूछताछ की।दोनों ने बताया कि ट्रक में लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक लदी हुई है। इसके समर्थन में उन्होंने माल परिवहन से संबंधित इनवॉइस और ई-वे बिल भी दिखाए।
दस्तावेजों में गड़बड़ी से हुआ शक
पुलिस ने जब आरोपियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच की तो उसमें विसंगतियां सामने आईं।दस्तावेजों के अनुसार, ट्रक में लदा सामान दिल्ली से झारखंड भेजा जा रहा था।लेकिन पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने माल हरियाणा के पानीपत और पंचकूला से लादा था।दस्तावेजों और बयानों में अंतर मिलने पर पुलिस का संदेह बढ़ गया।इसके बाद पुलिसकर्मियों ने ट्रक में रखी पेटियों की गहन तलाशी लेने का फैसला किया।तलाशी के दौरान कोल्ड ड्रिंक की पेटियों के नीचे अंग्रेजी शराब का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
625 पेटियों में मिली 9,588 शीशी अंग्रेजी शराब
पुलिस की जांच में ट्रक से कुल 625 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई।इन पेटियों में रॉयल स्टैग और रॉयल ग्रीन ब्रांड की शराब रखी गई थी।
बरामद शराब का विवरण इस प्रकार है।
- रॉयल स्टैग 750 एमएल की 407 पेटियों में 4,884 शीशी।
- रॉयल स्टैग 180 एमएल की 58 पेटियों में 2,784 शीशी।
- रॉयल ग्रीन 750 एमएल की 160 पेटियों में 1,920 शीशी।
इस तरह कुल 625 पेटियों में 9,588 शीशी शराब बरामद की गई।इसके अलावा ट्रक से लाहौरी जीरा कोल्ड ड्रिंक की 1,275 यूनिट भी मिलीं।शराब की बोतलों पर लिखा था 'ओनली फॉर पंजाब सेल'
बरामद शराब की बोतलों पर 'ओनली फॉर पंजाब सेल' अंकित था।इसका मतलब था कि शराब को पंजाब में बिक्री के लिए चिह्नित किया गया था।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शराब के परिवहन और बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद शराब की पूरी खेप जब्त कर ली गई।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पंजाब में बिक्री के लिए चिह्नित शराब की इतनी बड़ी मात्रा झारखंड क्यों भेजी जा रही थी।इसके साथ ही शराब के स्रोत और इसकी आपूर्ति से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।हिमाचल प्रदेश के दो आरोपी गिरफ्तारपुलिस ने ट्रक में मौजूद दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नसीब चन्द राजपूत और कृष्णपाल राजपूत के रूप में हुई है।नसीब चन्द राजपूत की उम्र 40 वर्ष बताई गई है। वह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के जामली गांव का निवासी है।
दूसरे आरोपी कृष्णपाल राजपूत की उम्र 38 वर्ष है। वह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के स्वारघाट थाना क्षेत्र के काथला गांव का रहने वाला है।पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
93 लाख रुपये के सामान की जब्ती
पुलिस के अनुसार, बरामद अंग्रेजी शराब की अनुमानित कीमत करीब 65 लाख रुपये है।इसके अलावा पुलिस ने शराब के परिवहन में इस्तेमाल ट्रक, कोल्ड ड्रिंक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
शराब सहित जब्त किए गए सभी सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 93 लाख रुपये बताई गई है।पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी से अंतरराज्यीय तस्करी के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।हालांकि, शराब की खेप के अंतिम खरीदार और इसके पीछे सक्रिय अन्य लोगों के संबंध में जांच जारी है।
हरियाणा से झारखंड भेजी जा रही थी शराब
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शराब की खेप हरियाणा के पानीपत और पंचकूला से लादी गई थी।इसे झारखंड की राजधानी रांची पहुंचाया जाना था।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वाहन स्वामी ने ही ट्रक में सामान लदवाया था।
अब पुलिस यह जांच कर रही है कि शराब कहां से खरीदी गई थी और इसे झारखंड में किस व्यक्ति या समूह को पहुंचाया जाना था।वाहन स्वामी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एसपी अभिषेक वर्मा ने किया खुलासा
गुरुवार, 15 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने चुर्क पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में मामले की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि पुलिस की संयुक्त टीम ने संदिग्ध वाहन की जांच के दौरान शराब तस्करी का खुलासा किया।
एसपी के अनुसार, आरोपी कोल्ड ड्रिंक की आड़ में अवैध शराब का परिवहन कर रहे थे।पत्रकार वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा भी मौजूद रहे।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है।
ऑपरेशन शुद्धि के तहत हुई कार्रवाई
सोनभद्र पुलिस की ओर से अवैध मादक पदार्थों और शराब तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन शुद्धि अभियान चलाया जा रहा है।इसी अभियान के तहत राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस, एसओजी और विभिन्न पुलिस चौकियों की टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।कार्रवाई में राबर्ट्सगंज थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी रामस्वरूप वर्मा और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे।पुलिस का कहना है कि तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ राबर्ट्सगंज थाने में अपराध क्रमांक 839/2026 दर्ज किया है।मामले में आबकारी अधिनियम की धारा 60 और 63 के अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत कार्रवाई की गई है।ये धाराएं शराब के अवैध परिवहन, धोखाधड़ी और दस्तावेजों से संबंधित कथित अपराधों से जुड़ी हैं।पुलिस बरामद दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि माल परिवहन के लिए पेश किए गए कागजात किस आधार पर तैयार हुए थे।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
करीब 93 लाख रुपये के सामान की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।जांच में शराब की आपूर्ति करने वाले व्यक्तियों, ट्रक मालिक और झारखंड में संभावित खरीदारों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।इसके अलावा आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन की जांच भी मामले की आगे की पड़ताल में महत्वपूर्ण हो सकती है।