संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में एक कथित अवैध डेयरी का भंडाफोड़ किया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में मिलावटी पनीर बरामद होने के बाद उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक करीब 528 किलो पनीर को बुलडोजर चलाकर नष्ट कराया गया। डेयरी संचालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। टीम ने डेयरी परिसर का निरीक्षण करने के साथ वहां रखे खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
शिकायत के बाद पहुंची टीम
बताया जा रहा है कि संबंधित विभाग को डेयरी में मिलावटी पनीर तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार पनीर मिला। अधिकारियों को उसकी गुणवत्ता को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार कार्रवाई की गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने पनीर को सुरक्षित तरीके से नष्ट कराने का फैसला लिया, ताकि वह दोबारा बाजार में न पहुंच सके।
528 किलो पनीर कराया गया नष्ट
कार्रवाई के दौरान करीब 528 किलोग्राम पनीर बरामद होने की बात सामने आई है। अधिकारियों के निर्देश पर इस पनीर को बुलडोजर की मदद से नष्ट कराया गया। इतनी बड़ी मात्रा में पनीर नष्ट कराए जाने के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों को किसी भी स्थिति में बाजार तक पहुंचने नहीं दिया जाएगा।
डेयरी संचालक हिरासत में
कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पनीर कहां तैयार किया जाता था और इसकी सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि डेयरी के पास खाद्य कारोबार से संबंधित जरूरी लाइसेंस और अन्य अनुमतियां थीं या नहीं। अगर जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संचालक के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
मिलावट की जांच के लिए नमूने
खाद्य सुरक्षा टीम ने पनीर और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा सकता है। लैब रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि पनीर में किस तरह की मिलावट थी और वह खाद्य सुरक्षा मानकों पर कितना खरा उतरता था। किसी खाद्य पदार्थ को मिलावटी घोषित करने के लिए प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होती है।
त्योहारों से पहले बढ़ी सख्ती
त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान दूध, पनीर, खोया, मिठाई और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावटखोर सक्रिय होने की आशंका भी बढ़ती है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर डेयरी, मिठाई की दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाता है। संभल में हुई यह कार्रवाई भी इसी तरह के अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।
मिलावटी पनीर से स्वास्थ्य को खतरा
मिलावटी पनीर में अगर निर्धारित मानकों के विपरीत सामग्री या असुरक्षित पदार्थों का इस्तेमाल किया गया हो तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए दूषित या असुरक्षित खाद्य पदार्थ ज्यादा जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसी कारण खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
अवैध डेयरी पर भी सवाल
कार्रवाई के बाद डेयरी के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि परिसर में खाद्य पदार्थों के उत्पादन और बिक्री के लिए आवश्यक अनुमति मौजूद थी या नहीं। अगर डेयरी बिना जरूरी लाइसेंस या मानकों के संचालित होती पाई गई तो संचालक के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है।
बाजार तक पहुंचने से पहले रोका गया पनीर
प्रशासन की कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह रहा कि बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर को बाजार में पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। अगर यह पनीर दुकानों या ग्राहकों तक पहुंच जाता तो बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता था। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से समय-समय पर निरीक्षण और छापेमारी की जाती है।
अधिकारियों ने दी सख्ती की चेतावनी
प्रशासन ने मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर उसे जब्त कर नियमानुसार नष्ट कराया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों से भी अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील करता है। उपभोक्ताओं को पनीर, दूध और मिठाइयां खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और पैकेजिंग पर ध्यान देना चाहिए। बिना बिल या संदिग्ध स्रोत से डेयरी उत्पाद खरीदने से बचना बेहतर है। अगर किसी दुकान या प्रतिष्ठान में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जाने का संदेह हो तो संबंधित विभाग को शिकायत की जा सकती है।
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