Shukteerth शुकतीर्थ : पौराणिक तीर्थ स्थली और भागवत उद्गम पीठ शुकतीर्थ (शुक्रताल) में गंगा नदी के दूषित जल को लेकर विरोध तेज हो गया है। गंगा में लगातार काला और गंदा पानी आने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को गंगा घाट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। संगठन ने मांग की है कि गंगा में स्वच्छ और अविरल जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए, ताकि धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण की भी रक्षा हो सके।
भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि शुकतीर्थ जैसे धार्मिक महत्व वाले स्थान पर गंगा का प्रदूषित होना बेहद गंभीर मामला है। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन दूषित जल के कारण लोगों की धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
साधु समाज के प्रदर्शन के बाद भाकियू ने संभाला मोर्चा
गंगा में गंदे पानी की समस्या को लेकर पिछले कई दिनों से स्थानीय साधु समाज और श्रद्धालुओं में नाराजगी बनी हुई है। इससे पहले शुक्रताल के साधु समाज ने गंगा घाट पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया था। संतों ने आरोप लगाया था कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला रासायनिक युक्त दूषित पानी गंगा में पहुंच रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है।
संत समाज ने चिंता जताई थी कि दूषित जल के कारण गंगा में रहने वाले जलीय जीवों, जिनमें मछलियां और कछुए शामिल हैं, को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा था कि यदि समय रहते प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका गंभीर पर्यावरणीय प्रभाव देखने को मिल सकता है।
भाकियू कार्यकर्ता घाट पर बैठे धरने पर
साधु समाज के आंदोलन के समर्थन में रविवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी शुकतीर्थ पहुंचे। भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष अनुज राठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गंगा घाट पर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
अनुज राठी ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। शुकतीर्थ जैसे पवित्र स्थल पर गंगा जल का प्रदूषित होना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जब तक गंगा में साफ और स्वच्छ पानी का प्रवाह शुरू नहीं होता, तब तक भाकियू का आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गंगा में दूषित जल पहुंचने के स्रोतों की जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा पैदा न हो।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि गंगा की स्वच्छता केवल धार्मिक मुद्दा नहीं बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि गंगा की सफाई और जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
फिलहाल शुकतीर्थ गंगा घाट पर भाकियू का धरना जारी है और प्रशासन की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।