नोएडा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के मतदान को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सक्रिय नजर आए। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने संयुक्त रूप से जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मतदान प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, मतदाताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
अधिकारियों ने सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा जोन के मतदान केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने मतदान कार्मिकों, पुलिसकर्मियों और मतदाताओं से बातचीत कर चुनाव प्रक्रिया की स्थिति जानी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
13 मतदान केंद्रों पर बनाए गए 42 बूथ
गौतमबुद्धनगर में मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के लिए कुल 13 मतदान केंद्र बनाए गए। इन केंद्रों पर 42 मतदेय स्थलों की व्यवस्था की गई।इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 25 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 17 बूथ निर्धारित किए गए।मतदान शुक्रवार सुबह आठ बजे शुरू हुआ। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान शाम चार बजे तक कराया जाना था।मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस बल को भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया।
मतदान केंद्रों पर पहुंचकर किया निरीक्षण
जिलाधिकारी मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मतदान के दौरान विभिन्न केंद्रों का दौरा किया।अधिकारियों ने वहां मौजूद मतदान कार्मिकों से मतदान की स्थिति और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।इसके अलावा मतदान केंद्रों में मतदाताओं के प्रवेश, मतदान की प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई।दोनों अधिकारियों ने निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए।उन्होंने मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था होने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के निर्देश दिए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस कमिश्नर सख्त
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।मतदान केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने की स्थिति में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान पुलिसकर्मियों को मतदाताओं के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार करने और मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश भी दिए गए।
स्ट्रॉन्ग रूम और कंट्रोल रूम का भी लिया जायजा
मतदान केंद्रों के निरीक्षण के साथ जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर ने स्ट्रॉन्ग रूम, कंट्रोल रूम तथा सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की।अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से सुरक्षा और निगरानी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, क्योंकि मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा जाता है।जिला प्रशासन ने निर्देश दिए कि मतपेटियों के सुरक्षित परिवहन और रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।इसके अलावा कंट्रोल रूम के माध्यम से मतदान केंद्रों से प्राप्त सूचनाओं पर लगातार नजर रखने को कहा गया।
दोपहर दो बजे तक इतना हुआ मतदान
गौतमबुद्धनगर में शुक्रवार को दोपहर दो बजे तक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 38.72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 26.45 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए हैं, ताकि पात्र मतदाता बिना किसी परेशानी के मतदान कर सकें।हालांकि, ये दोपहर दो बजे तक के आंकड़े हैं। अंतिम मतदान प्रतिशत निर्धारित समय पर मतदान समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
स्नातक और शिक्षक मतदाताओं में दिखा उत्साह
मेरठ खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन में संबंधित मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं।स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता वोट डालते हैं।वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पंजीकृत शिक्षक मतदाताओं को मतदान का अधिकार होता है।गौतमबुद्धनगर में इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हजारों मतदाता पंजीकृत हैं।जिला प्रशासन के अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 12,754 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 13,104 मतदाता दर्ज हैं।
मतदान कर्मचारियों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मतदान कर्मचारियों से बातचीत की।उन्होंने मतदान के दौरान आने वाली समस्याओं और निर्वाचन सामग्री की स्थिति के संबंध में जानकारी ली।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य में लगे कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।उन्होंने मतदान की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता को निर्धारित नियमों के तहत मतदान का अवसर मिलना चाहिए।
एक दिन पहले ही पूरी कर ली गई थीं तैयारियां
मतदान से एक दिन पहले गुरुवार, 22 अक्टूबर को जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कलेक्ट्रेट परिसर में पोलिंग पार्टियों की रवानगी और निर्वाचन सामग्री वितरण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि सभी मतदान कर्मचारियों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए।इसके बाद पोलिंग पार्टियों को निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया।जिलाधिकारी ने मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए थे।
मतदाताओं के लिए हेल्पलाइन की सुविधा
मतदान से संबंधित शिकायतों और जानकारी के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन की व्यवस्था भी की है।गौतमबुद्धनगर में मतदाता और अन्य संबंधित व्यक्ति हेल्पलाइन नंबर 0120-2978702 पर संपर्क कर सकते हैं।इसके माध्यम से मतदान केंद्रों से जुड़ी समस्याओं और चुनाव संबंधी सूचनाओं को प्रशासन तक पहुंचाया जा सकता है।जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राप्त शिकायतों पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शांतिपूर्ण मतदान कराना प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी मेधा रूपम और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के दौरान लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना जरूरी है।