बागपत :  कांवड़ यात्रा के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर चर्चा छेड़ दी है। गांगनौली गांव निवासी मुस्लिम युवक कल्लू पुत्र मुस्ताक हरिद्वार से 31 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ के रूप में अपने गांव पहुंचा। मंगलवार को उसने गांव स्थित शिव मंदिर में पहुंचकर गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान ग्रामीणों ने उसका स्वागत किया। हालांकि, कांवड़ यात्रा से नाराज उसके परिजनों ने उसे मंदिर से लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद गांव के हिंदू समाज के कुछ लोग उसे अपने साथ पड़ोसी महिला भोली के घर ले गए।
जानकारी के अनुसार, कल्लू हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा के बाद अपने गांव पहुंचा था। गांव लौटने के बाद उसने परंपरा के अनुसार शिव मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक किया। मंदिर में जल चढ़ाने के बाद जब उसके परिजन उसे लेने नहीं पहुंचे तो वह वहीं अकेला रह गया। ग्रामीणों ने जब उसे मंदिर परिसर में देखा तो उसे अपने साथ भोली के घर ले गए। बताया गया कि कल्लू का इस परिवार से पहले से परिचय है और उसका वहां आना-जाना भी रहा है।
इसके बाद कल्लू ने धार्मिक परंपरा के अनुसार गंगाजल से भोलेनाथ का अभिषेक किया और कांवड़ में लाया गया कलश वहीं छोड़ दिया। घटना की जानकारी क्षेत्र में फैलने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। मामले की जानकारी पुलिस तक भी पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
दोघट थाना प्रभारी केवल सिंह के अनुसार, गांव में घटना को लेकर चर्चा होने के बाद चौकी प्रभारी विकुल कुमार को मौके पर भेजकर जानकारी जुटाई गई। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि युवक अपनी मां हमीदन से कांवड़ यात्रा के लिए पैसे लेकर हरिद्वार गया था। पुलिस के मुताबिक, युवक फिलहाल अपनी मां के पास ही है। पुलिस ने मामले की स्थिति को लेकर ग्रामीणों से भी जानकारी ली।
इस घटना के सामने आने के बाद गांव में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द को लेकर भी चर्चा हो रही है। ग्रामीणों की ओर से युवक के मंदिर पहुंचने और जलाभिषेक करने के दौरान उसका स्वागत किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, युवक के परिजनों की नाराजगी का कारण कांवड़ यात्रा को बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से मामले को लेकर किसी तरह के विवाद या तनाव की पुष्टि नहीं की गई है।
इसी बीच उत्तर प्रदेश के संभल से भी कांवड़ यात्रा से जुड़ा एक अलग मामला सामने आया है। यहां असमोली क्षेत्र के बदनपुर बसेई गांव निवासी तमन्ना मलिक हरिद्वार से दूसरी बार बुर्का पहनकर कांवड़ लेकर लौट रही हैं। वह अपने पति अमन त्यागी के साथ कांवड़ यात्रा पर गई थीं। उनकी यात्रा से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था। इसी वीडियो पर मुरादाबाद के एक युवक ने कथित तौर पर अश्लील टिप्पणी कर दी।
मामला सामने आने के बाद पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने संज्ञान लिया और आरोपी की पहचान की। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मुरादाबाद के सोनकपुर थाना क्षेत्र के बेहटा सरथल गांव निवासी फरमान के रूप में हुई। मंगलवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कोतवाली में कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में इस तरह की टिप्पणी नहीं करने की बात कही। आरोपी के खिलाफ शांतिभंग के मामले में कार्रवाई की गई है।
बागपत और संभल की इन दोनों घटनाओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आने वाली अलग-अलग सामाजिक तस्वीरों को सामने रखा है। एक ओर बागपत में मुस्लिम युवक द्वारा हरिद्वार से गंगाजल लाकर शिव मंदिर में जलाभिषेक किए जाने की घटना चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर संभल में कांवड़ यात्रा से जुड़े सोशल मीडिया वीडियो पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस कार्रवाई हुई है।
कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचते हैं। इस दौरान प्रशासन की ओर से भी लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या भड़काऊ टिप्पणी से बचने की अपील की जाती है। पुलिस भी संवेदनशील मामलों में सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि किसी भी तरह के विवाद या तनाव की स्थिति पैदा न हो।
बागपत में कल्लू के मामले में पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। वहीं संभल में अश्लील टिप्पणी करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। दोनों मामलों में प्रशासन का जोर शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी विवाद को बढ़ने से रोकने पर है। इन घटनाओं के बीच सामने आई तस्वीर यह भी बताती है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सामाजिक और प्रशासनिक पहलू भी लगातार चर्चा में रहते हैं।
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