श्रम विभाग की नई पहल, डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे मजदूर और नियोजक

Update: 2026-07-27 11:32 GMT

सहारनपुर  :   अब घर, दुकान या अन्य स्थानों पर निर्माण से जुड़े काम कराने के लिए लोगों को मजदूर या मिस्त्री की तलाश में इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग ने श्रमिकों और काम देने वालों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए ‘यूपी डिजिटल लेबर चौक’ नाम का मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से लोग अपनी जरूरत के अनुसार घर बैठे ही कुशल मजदूर और मिस्त्री बुला सकेंगे।

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म निर्माण क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। अब मजदूरों को काम की तलाश में सड़कों, चौराहों या पारंपरिक लेबर चौक पर घंटों खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। श्रमिक अपने अनुभव, कौशल और काम की जरूरत के अनुसार ऐप पर पंजीकरण कराकर अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

सहारनपुर के उप श्रम आयुक्त सुविज्ञ सिंह ने बताया कि ‘यूपी डिजिटल लेबर चौक’ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस ऐप के जरिए निर्माण श्रमिकों और काम देने वाले लोगों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। इससे श्रमिकों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे, वहीं नियोजकों को भी अपनी जरूरत के अनुसार कुशल श्रमिक आसानी से मिल सकेंगे।

उन्होंने बताया कि बिल्डर, ठेकेदार, निर्माण एजेंसियां या अन्य लोग ऐप के माध्यम से अपनी जरूरत के मुताबिक मजदूरों का चयन कर सकेंगे। वहीं श्रमिक भी अपनी योग्यता और अनुभव की जानकारी दर्ज कर काम के अवसरों तक आसानी से पहुंच बना पाएंगे।

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें श्रमिक और नियोजक के बीच सीधे संपर्क की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे काम देने और काम पाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। साथ ही श्रमिकों को रोजगार के लिए बार-बार अलग-अलग जगहों पर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

उप श्रम आयुक्त ने बताया कि श्रमिक और नियोजक दोनों ही अपने एंड्रॉइड मोबाइल फोन के माध्यम से इस ऐप पर आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऐप पर श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पात्र श्रमिक सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक असंगठित रूप से काम करते हैं। कई बार जानकारी के अभाव में उन्हें सरकारी योजनाओं और रोजगार के बेहतर अवसरों का लाभ नहीं मिल पाता। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘यूपी डिजिटल लेबर चौक’ ऐप से जहां एक ओर आम लोगों को अपने घर या प्रतिष्ठान के लिए मजदूर और मिस्त्री खोजने में आसानी होगी, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

श्रम विभाग का मानना है कि डिजिटल माध्यम से श्रमिकों और नियोजकों को जोड़ने की यह पहल प्रदेश में रोजगार व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाएगी। खासकर निर्माण क्षेत्र के मजदूरों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। ऐप के जरिए श्रमिकों को काम की जानकारी समय पर मिल सकेगी और उन्हें रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

Tags:    

Similar News