मेरठ : कांवड़ यात्रा-2026 और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मेरठ प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से संबंधित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस एवं पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिले में संचालित सभी खाद्य प्रतिष्ठानों को नियमानुसार लाइसेंस एवं पंजीकरण के दायरे में लाया जाए। साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के पास अभी तक खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण नहीं है, उन्हें तत्काल चिन्हित किया जाए और आवश्यक कार्रवाई करते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनका पंजीकरण कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जीएसटी विभाग में पंजीकृत ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की जाए, जिनके पास खाद्य लाइसेंस नहीं है। ऐसे सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर उन्हें खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप लाइसेंस एवं पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रत्येक प्रतिष्ठान के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। इससे उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आगामी कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु मेरठ जनपद से होकर गुजरते हैं, इसलिए खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं ताकि उपभोक्ताओं को यह जानकारी आसानी से मिल सके कि संबंधित प्रतिष्ठान विधिवत पंजीकृत है।
इसके अलावा सभी दुकानों पर खाद्य पदार्थों की रेट लिस्ट प्रमुख स्थान पर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं और ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली न हो सके। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रत्येक प्रतिष्ठान पर क्यूआर कोड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिले और लेनदेन में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों, मिठाई की दुकानों, फल विक्रेताओं और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए समय-समय पर नमूने लिए जाएं और यदि किसी भी प्रतिष्ठान में मिलावट या खराब गुणवत्ता की खाद्य सामग्री पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी व्यापारी को परेशान करना नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री ही ग्राहकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन और व्यापारी मिलकर कार्य करेंगे तो कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों, लाइसेंस एवं पंजीकरण की वर्तमान स्थिति तथा आगामी अभियान की रूपरेखा की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए ताकि खाद्य सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जा सकें और कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या शिकायत की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।