फर्श पर नवजात, वार्ड में अव्यवस्था, अस्पतालों पर गिरी गाज

Update: 2026-07-11 12:30 GMT

अमेठी जिले: स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान निजी अस्पतालों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के नेतृत्व में की गई छापेमारी में तीन निजी अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच के दौरान कई जगह पंजीकृत डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं मिले, जबकि मरीजों का इलाज अन्य कर्मचारियों के भरोसे चलता हुआ पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इसे मरीजों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही माना है।

जानकारी के अनुसार, जिले में निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच के लिए सीएमओ की टीम ने अचानक निरीक्षण किया। टीम के पहुंचते ही अस्पतालों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने अस्पतालों के रजिस्टर, डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों के रिकॉर्ड और इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच की।

छापेमारी के दौरान एक अस्पताल में सीजेरियन मरीज भर्ती मिला, लेकिन मौके पर पंजीकृत डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जांच टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। वहीं एक अन्य जगह नवजात को फर्श पर रखा हुआ पाया गया, जिससे अस्पताल की लापरवाही सामने आई। टीम ने मरीजों और उनके परिजनों से भी बातचीत कर इलाज की स्थिति की जानकारी ली।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यदि पंजीकृत चिकित्सक की अनुपस्थिति में गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा है तो यह नियमों का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।

सीएमओ की टीम ने अस्पताल संचालकों से जरूरी दस्तावेज मांगे और मौके पर मिली कमियों को दर्ज किया। अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निजी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ, साफ-सफाई, मरीजों की देखभाल और चिकित्सा मानकों का पालन जरूरी है। लेकिन निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों से स्पष्ट हुआ कि कुछ अस्पताल नियमों की अनदेखी कर मरीजों का इलाज कर रहे थे।

अधिकारियों ने कहा कि जिले में ऐसे अस्पतालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। बिना मानकों के संचालित होने वाले अस्पतालों और मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, छापेमारी के बाद निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि इलाज के लिए अस्पताल का चयन करते समय वहां उपलब्ध सुविधाओं और डॉक्टरों की जानकारी जरूर जांच लें।

अमेठी में हुई इस कार्रवाई ने निजी स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विभाग अब ऐसे अस्पतालों की नियमित जांच करने की तैयारी में है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके।

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