Deoria देवरिया : उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के रुद्रपुर नगर पंचायत क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई नई पेयजल पाइपलाइन की टेस्टिंग के दौरान लगातार दूसरे दिन खराबी सामने आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। रविवार को जमुनी चौराहे के पास टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन में अचानक लीकेज हो गया, जिसके बाद सड़क पर तेज धार के साथ पानी का फव्वारा निकलने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन पर दबाव बढ़ने के बाद अचानक पानी का रिसाव शुरू हुआ। देखते ही देखते सड़क पर बड़ी मात्रा में पानी बहने लगा। काफी देर तक पानी बहने के कारण आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि जल जीवन मिशन के तहत नगर पंचायत क्षेत्र में घर-घर पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा होने के बाद उसकी टेस्टिंग की जा रही है, ताकि आपूर्ति शुरू करने से पहले किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या को दूर किया जा सके। हालांकि टेस्टिंग के दौरान ही लगातार सामने आ रही लीकेज की घटनाओं ने काम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इससे पहले शनिवार को भी रुद्रपुर क्षेत्र के गोला वार्ड में टेस्टिंग के दौरान पाइपलाइन में रिसाव की समस्या सामने आई थी। एक दिन बाद ही जमुनी चौराहे के पास दोबारा पाइपलाइन टूटने या लीकेज होने की घटना सामने आने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से चल रही इस योजना का उद्देश्य लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि पाइपलाइन निर्माण में अभी से खामियां सामने आ रही हैं तो भविष्य में जलापूर्ति शुरू होने के बाद बड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि टेस्टिंग के दौरान ही पाइपलाइन दबाव नहीं झेल पा रही है तो सामान्य उपयोग के समय इसकी स्थिति क्या होगी। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि योजना को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय मानकों के अनुसार कार्य कराया जाए, ताकि लंबे समय तक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
फिलहाल पाइपलाइन में आई खराबी को ठीक करने का काम संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था द्वारा किए जाने की बात कही जा रही है। अधिकारियों की ओर से अभी तक निर्माण गुणवत्ता को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि लगातार सामने आ रही इन समस्याओं के बाद प्रशासन जांच कराता है या नहीं और दोषी पाए जाने वालों पर क्या कार्रवाई की जाती है।
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में इस तरह की तकनीकी खामियां योजना की सफलता पर असर डाल सकती हैं। स्थानीय लोग अब प्रशासन से बेहतर गुणवत्ता और स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।