श्रावण मेला और कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
Uttar Pradesh. उत्तर प्रदेश। श्रावण मेला और कांवड़ यात्रा को लेकर अयोध्या में तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की ओर से व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि श्रावण मेला दो चरणों में आयोजित होता है और पहले चरण में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है। मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि श्रावण मेले का पहला चरण कृष्ण पक्ष यानी अंधकार पक्ष से जुड़ा होता है, जो शुरुआती 15 दिनों तक चलता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर कांवड़ यात्रा के माध्यम से भगवान शिव के मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में सरयू नदी का विशेष धार्मिक महत्व है। आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं और सरयू नदी से पवित्र जल भरकर अपनी कांवड़ यात्रा शुरू करते हैं। श्रद्धालु आस्था और तपस्या के रूप में पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने जिलों में स्थित शिव मंदिरों में जल अर्पित करते हैं।
श्रावण मास के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं। इसे देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मेयर ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए मार्गों की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। श्रावण मेला और कांवड़ यात्रा को लेकर अयोध्या में धार्मिक उत्साह का माहौल है। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहा है।