कुशीनगर एयरपोर्ट को जेवर और गया से जोड़ने की तैयारी तेज

Update: 2026-07-24 08:22 GMT

कुशीनगर :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के प्रमुख हवाई अड्डों से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। अब कुशीनगर से जेवर और गया के बीच हवाई संपर्क स्थापित करने की दिशा में एयरपोर्ट अथॉरिटी और जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रस्तावित एयर कॉरिडोर को धरातल पर उतारने के लिए रूट चार्ट और फ्लाइट स्लॉट आवंटन की योजना पर काम किया जा रहा है।

कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यटन और क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली होने के कारण कुशीनगर देश-विदेश के बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक केंद्र है। ऐसे में यहां हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर एयरपोर्ट को बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद संबंधित विभागों ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जेवर और गया जैसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट से कुशीनगर को जोड़ने से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

प्रस्तावित योजना के तहत कुशीनगर से जेवर एयरपोर्ट और गया एयरपोर्ट के बीच उड़ान संचालन की संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए उड़ान मार्ग, यात्रियों की संभावित संख्या, विमान संचालन की तकनीकी जरूरतों और समय-सारणी को लेकर मंथन किया जा रहा है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी और जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार आपसी समन्वय के साथ योजना तैयार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी नए हवाई मार्ग को शुरू करने से पहले कई तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं का आकलन किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत रूट चार्ट और स्लॉट आवंटन की तैयारी की जा रही है।

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डों में विकसित किया जा रहा है। कुशीनगर को जेवर से जोड़ने पर पूर्वांचल के यात्रियों को दिल्ली-एनसीआर और देश-विदेश के अन्य हिस्सों तक पहुंचने का एक नया विकल्प मिल सकता है।

वहीं, गया एयरपोर्ट से हवाई संपर्क स्थापित होने पर बौद्ध पर्यटन सर्किट को भी मजबूती मिलने की संभावना है। कुशीनगर, गया और अन्य बौद्ध स्थलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश के पर्यटकों की आवाजाही आसान हो सकती है।

कुशीनगर एयरपोर्ट पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। यहां से कई धार्मिक और पर्यटन महत्व वाले क्षेत्रों के लिए हवाई सेवा शुरू करने की संभावनाएं लंबे समय से देखी जा रही हैं। नई उड़ानों के संचालन से स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

जिला प्रशासन का मानना है कि बेहतर हवाई नेटवर्क कुशीनगर के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। एयरपोर्ट के विस्तार और नई उड़ानों के संचालन से आसपास के जिलों के लोगों को भी लाभ मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार, हवाई मार्ग शुरू करने की प्रक्रिया में एयरलाइंस कंपनियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। यात्रियों की मांग और संचालन की व्यवहार्यता के आधार पर उड़ानों का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल कुशीनगर एयरपोर्ट को जेवर और गया से जोड़ने की योजना शुरुआती चरण में है, लेकिन प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी की सक्रियता से इसके जल्द आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले समय में यदि प्रस्तावित एयर कॉरिडोर को मंजूरी मिलती है तो कुशीनगर पूर्वांचल के एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र के रूप में उभर सकता है।

यह पहल न केवल यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देने वाली साबित हो सकती है। प्रशासन की नजर अब रूट निर्धारण, स्लॉट आवंटन और उड़ान संचालन की अगली प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

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