गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित रूप से संचालित देह व्यापार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार रात डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल के नेतृत्व में कौशांबी थाना क्षेत्र के तीन स्पा सेंटरों पर छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान इन स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छह महिलाओं को सुरक्षित निकाला, जबकि 11 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अचानक हुई इस छापेमारी से संबंधित स्पा सेंटरों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और स्पा सेंटरों के संचालन से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित अवैध गतिविधियां किस तरह संचालित की जा रही थीं और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
तीन स्पा सेंटरों पर एक साथ छापेमारी
जानकारी के मुताबिक, डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल ने सोमवार रात कौशांबी थाना क्षेत्र में संचालित तीन स्पा सेंटरों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का उद्देश्य स्पा सेंटरों में चल रही संदिग्ध गतिविधियों की जांच करना था।पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में स्पा सेंटरों की आड़ में देह व्यापार संचालित किए जाने के संकेत मिलने की बात सामने आई है।इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया। जांच अधिकारियों का प्रयास है कि स्पा सेंटरों के संचालन और कथित अवैध गतिविधियों के बीच संबंधों को स्पष्ट किया जा सके।छह महिलाओं को सुरक्षित निकाला गयाछापेमारी के दौरान पुलिस ने छह महिलाओं को रेस्क्यू कराया। इन महिलाओं की परिस्थितियों और स्पा सेंटरों में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस के सामने यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि महिलाओं को किन परिस्थितियों में वहां रखा गया था और क्या किसी तरह के दबाव, लालच या धोखे का इस्तेमाल किया गया था।ऐसे मामलों में महिलाओं की सुरक्षा, पहचान की गोपनीयता और उनके अधिकारों का संरक्षण बेहद जरूरी होता है।
महिलाओं के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। किसी भी महिला को पीड़िता या आरोपी मानने का निर्णय जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर किया जाएगा।
11 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 11 लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि स्पा सेंटरों का संचालन कौन कर रहा था और वहां कथित अनैतिक गतिविधियों में किन व्यक्तियों की भूमिका थी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि स्पा सेंटरों के पास आवश्यक अनुमति और संबंधित दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों की भूमिका अभी स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में उनके खिलाफ किसी अपराध में शामिल होने का निष्कर्ष जांच पूरी होने से पहले नहीं निकाला जा सकता।
स्पा सेंटरों के संचालन की होगी जांच
पुलिस के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि संबंधित स्पा सेंटर किस तरह संचालित किए जा रहे थे।जांच में संचालकों की पहचान, कर्मचारियों की भूमिका और कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।यदि जांच के दौरान मानव तस्करी, जबरन देह व्यापार या किसी अन्य अपराध से संबंधित प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।इसके साथ ही पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि कथित गतिविधियां केवल इन तीन स्पा सेंटरों तक सीमित थीं या इनके पीछे अन्य व्यक्तियों की भी भूमिका थी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गाजियाबाद के कौशांबी और वैशाली क्षेत्र में इससे पहले भी स्पा सेंटरों की आड़ में कथित देह व्यापार संचालित होने के मामले सामने आ चुके हैं।11 जुलाई 2026 को वैशाली सेक्टर-4 स्थित एक व्यावसायिक परिसर में पुलिस ने तीन स्पा सेंटरों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई में 23 महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया था और स्पा सेंटर संचालक समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
उस समय भी पुलिस ने स्पा सेंटरों की गतिविधियों की जांच की थी। हालांकि, जुलाई के मामले और सोमवार रात हुई नई कार्रवाई के बीच किसी तरह के संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।लगातार सामने आने वाले इस तरह के मामलों के कारण व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की निगरानी और नियमों के पालन का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है।
देह व्यापार और मानव तस्करी में अंतर
कानूनी दृष्टि से देह व्यापार से जुड़े मामलों की जांच में कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। भारत में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत वेश्यालय चलाने, देह व्यापार के लिए किसी व्यक्ति को उकसाने या उसकी कमाई से जुड़े कुछ अपराधों के लिए दंड का प्रावधान है।
वहीं, किसी महिला या अन्य व्यक्ति को धोखे, दबाव, धमकी अथवा जबरदस्ती के माध्यम से शोषण के लिए लाया जाता है, तो मानव तस्करी से संबंधित कानून भी लागू हो सकते हैं।इसलिए केवल स्पा सेंटर में मौजूद होना किसी व्यक्ति के अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस को प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित करनी होगी।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच कर रही है।अधिकारियों के अनुसार, मौके से छह महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया है और करीब 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए सभी व्यक्तियों की पहचान, उनके खिलाफ संभावित धाराओं और गिरफ्तारी की अंतिम स्थिति के संबंध में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।
कौशांबी में हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर स्पा सेंटरों में कथित अवैध गतिविधियों का मुद्दा सामने आया है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि संबंधित केंद्रों का संचालन कौन कर रहा था और कथित देह व्यापार में किन लोगों की संलिप्तता थी।