Baliya बलिया :  उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस हिरासत में एक दलित युवक की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। रेवती थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। रविवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बढ़ते विरोध और तनाव के बीच पुलिस ने आरोपी दरोगा, एक सिपाही, ग्राम प्रधान समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान कामजी गोंड के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए वाराणसी भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर रात जब युवक का शव गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। रविवार सुबह ग्रामीण और मृतक के परिजन बड़ी संख्या में गायघाट स्थित खेदू चौराहा पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन के कारण सड़क पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। चक्काजाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ बैरिया आलोक गुप्ता समेत कई थानों की पुलिस ने स्थिति संभाली और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।

अधिकारियों ने लोगों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस दौरान जाम में फंसी एक एंबुलेंस को प्राथमिकता के आधार पर रास्ता दिलाया गया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।

पुलिस ने मामले में आरोपी दरोगा, सिपाही, ग्राम प्रधान सहित छह लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं मृतक के परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन हर स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं ग्रामीणों की मांग है कि जांच जल्द पूरी कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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