अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने अयोध्या के पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था, जब भगवान श्रीराम का जयकारा लगाने पर रोक लगा दी जाती थी। रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां बरसाई गई थीं तथा रामनगरी अयोध्या को रक्तरंजित किया गया था। यहां तक कि श्रद्धालुओं की परिक्रमा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय बदल चुका है। आज अयोध्या में भगवान श्रीराम के भक्तों का स्वागत किया जाता है। किसी को भी ‘जय श्रीराम’ बोलने से नहीं रोका जा सकता और न ही श्रद्धालुओं की परिक्रमा पर कोई प्रतिबंध लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस बार दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं ने उत्साह और उमंग के साथ हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में रामनगरी के पुराने हालात और वर्तमान स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में एक ऐसा दौर भी रहा है, जब भगवान श्रीराम का नाम लेने और ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करने पर रोक लगाई जाती थी। रामभक्तों को अपनी आस्था व्यक्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय रामभक्तों पर लाठियां बरसाई गईं और गोलियां चलाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि रामनगरी अयोध्या को रक्तरंजित किया गया था। इतना ही नहीं, श्रद्धालुओं की धार्मिक परिक्रमा तक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। मुख्यमंत्री ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में भगवान श्रीराम के भक्तों का स्वागत किया जाता है। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ रामनगरी पहुंचते हैं और अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करते हैं। अब किसी को भी ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करने से रोकने की स्थिति नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों के लिए कोई ऐसी पाबंदी नहीं है, जो उन्हें अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन करने से रोके। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी में श्रद्धालु स्वतंत्र रूप से दर्शन और परिक्रमा कर सकते हैं।
दीपोत्सव में उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं के बीच उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ इस पर्व में शामिल हुए।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, इस बार दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव को विशेष बना दिया। उन्होंने कहा कि लोगों में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था और उत्साह दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब रामनगरी में श्रद्धालुओं के स्वागत का वातावरण है। पहले जहां धार्मिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जाने की स्थिति थी, वहीं अब लाखों लोग बिना किसी पाबंदी के दीपोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं।
रामभक्तों की आस्था और धार्मिक परंपराओं का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने रामभक्तों की आस्था और धार्मिक परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के भक्तों को अब अपनी धार्मिक भावनाएं व्यक्त करने से कोई नहीं रोक सकता।
उन्होंने विशेष रूप से ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष और परिक्रमा का जिक्र किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले इन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। अयोध्या में श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिल रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भक्तों का स्वागत किया जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु उत्साह और उमंग के साथ धार्मिक आयोजनों में भाग लेते हैं।
अयोध्या के बदलते माहौल पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में अयोध्या के पुराने और वर्तमान माहौल के बीच अंतर को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब रामभक्तों को लाठी और गोली का सामना करना पड़ता था। परिक्रमा तक पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन अब वह दौर समाप्त हो चुका है।
उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में लाखों श्रद्धालु दीपोत्सव में शामिल हो रहे हैं। उनके उत्साह और उमंग से पूरे धार्मिक आयोजन का वातावरण उत्सवी बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब किसी प्रकार की पाबंदी नहीं है और श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं।
दीपोत्सव बना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण
अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन भगवान श्रीराम से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में इस आयोजन में शामिल लाखों लोगों का उल्लेख किया।
उन्होंने श्रद्धालुओं के उत्साह को अयोध्या के बदलते वातावरण से जोड़ते हुए कहा कि अब रामभक्तों का स्वागत होता है और उन्हें धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने से नहीं रोका जाता।
मुख्यमंत्री का पूरा संबोधन रामभक्तों की आस्था, अयोध्या की धार्मिक परंपराओं और पहले तथा वर्तमान के माहौल के बीच अंतर पर केंद्रित रहा।
योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि अयोध्या में अब भगवान श्रीराम के भक्तों को अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता है।
उन्होंने कहा कि न तो ‘जय श्रीराम’ बोलने पर कोई रोक है और न ही परिक्रमा करने पर प्रतिबंध। दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके उत्साह और उमंग की सराहना की।