गाजियाबाद: दीपावली पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए गाजियाबाद और अलीगढ़ के बीच अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा मिलेगी। त्योहार के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे इस मार्ग पर विशेष ईएमयू फेस्टिवल ट्रेन चलाएगा। गाजियाबाद से यह सेवा 5, 6 और 7 नवंबर 2026 को उपलब्ध रहेगी। इससे नियमित ट्रेनों के अलावा यात्रियों को सफर का एक और विकल्प मिलेगा। 
गाजियाबाद से अलीगढ़ जाने वाली स्पेशल ट्रेन का नंबर 04414 है। प्रकाशित समय-सारणी के अनुसार, यह गाड़ी निर्धारित तीनों तारीखों पर रात 8:05 बजे गाजियाबाद स्टेशन से रवाना होगी और रात 10:30 बजे अलीगढ़ पहुंचेगी। इस तरह दोनों स्टेशनों के बीच यात्रा में लगभग दो घंटे 25 मिनट लगेंगे। शाम को काम समाप्त करने के बाद इस मार्ग पर जाने वालों के लिए यह समय उपयोगी हो सकता है। 
ट्रेन के संचालन से केवल गाजियाबाद और अलीगढ़ के यात्रियों को ही सुविधा नहीं मिलेगी। रास्ते के निर्धारित स्टेशनों पर ठहराव होने से छोटे शहरों और कस्बों के बीच आवागमन करने वाले लोग भी इसका लाभ उठा सकेंगे। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों के लिए अतिरिक्त सेवा महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि त्योहार के दौरान नियमित ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, मार्ग में मारीपत, दादरी, बोडाकी हॉल्ट, अजायबपुर, दनकौर, वैर, चोला, गंगरौल हॉल्ट, सिकंदरपुर, खुर्जा जंक्शन, कमालपुर, डांवर, सोमना, कुलवा और महरावल सहित 15 मध्यवर्ती स्टेशनों पर ठहराव प्रस्तावित है। किसी मध्यवर्ती स्टेशन से यात्रा करने वालों को वहां का अलग प्रस्थान समय देखकर अपनी योजना बनानी चाहिए। गाजियाबाद का प्रस्थान समय सभी स्टेशनों के लिए लागू नहीं होगा। 
इस विशेष सेवा में 12 कोच की अनारक्षित ईएमयू रैक इस्तेमाल किए जाने की जानकारी दी गई है। अनारक्षित सेवा होने के कारण आरक्षित सीट की व्यवस्था नहीं होगी। त्योहार के समय यात्रा करने वाले लोगों के लिए स्टेशन पहुंचने, टिकट लेने और सही प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए पर्याप्त समय रखना उपयोगी रहेगा।  वापसी की ट्रेन का नंबर 04413 बताया गया है। हालांकि, अलीगढ़ से इसके संचालन की तारीखों को लेकर प्रकाशित खबरों में अंतर है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में वापसी सेवा 5, 6 और 7 नवंबर बताई गई है, जबकि एनडीटीवी की रिपोर्ट में 6, 7 और 8 नवंबर का उल्लेख है। इसलिए वापसी यात्रा की तारीख और समय को अंतिम मानने से पहले रेलवे की आधिकारिक पूछताछ सेवा या स्टेशन से पुष्टि करना जरूरी है।
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