कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था, होटल-ढाबों में सिर्फ सात्विक भोजन मिलेगा
उत्तर प्रदेश : सावन माह की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 30 जुलाई से शुरू हो रहे पवित्र सावन महीने को देखते हुए प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबों और भोजनालयों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर मांसाहारी भोजन बनाने और परोसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही भोजन तैयार करने में प्याज और लहसुन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह व्यवस्था हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान लागू की जाती है ताकि श्रद्धालुओं को उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराया जा सके। इस बार भी कांवड़ मार्ग पर संचालित सभी होटल और ढाबों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देशन में विभिन्न विभागों ने कांवड़ यात्रा को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों कांवड़ श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न हो।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों, होटलों और ढाबों का निरीक्षण अभियान भी शुरू कर दिया है। अधिकारियों की छह टीमें गठित की गई हैं, जो नियमित रूप से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच करेंगी। विभाग की ओर से होटल और ढाबा संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री का उपयोग करें तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन करें।
सहायक आयुक्त खाद्य अर्चना धीरन ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मांसाहारी भोजन पकाने और परोसने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सभी भोजनालयों को खाने में प्याज और लहसुन का उपयोग न करने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने बताया कि पुराने होटल और ढाबा संचालक इस व्यवस्था से पहले से परिचित हैं, जबकि नए प्रतिष्ठानों को विभाग द्वारा नियमों की जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कई अन्य दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सभी भोजनालयों को अपने प्रतिष्ठान पर मालिक का नाम, खाद्य लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को दस्ताने पहनकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खाद्य पदार्थों में कृत्रिम रंगों के उपयोग पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
कांवड़ यात्रियों से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन ने 21 आवश्यक वस्तुओं की मानक दरें भी निर्धारित की हैं। संबंधित विभाग बाजारों की निगरानी करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूली की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अलावा डीजल, पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधित पॉलीथिन के उपयोग पर भी सख्त रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने व्यापारियों और आम लोगों से अपील की है कि वे पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों का उपयोग करें। वहीं महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या असामाजिक गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
हर वर्ष सावन के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न शिवधामों तक कांवड़ लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में मुजफ्फरनगर, जो प्रमुख कांवड़ मार्गों में शामिल है, वहां प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, खाद्य गुणवत्ता और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर किए गए ये इंतजाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। प्रशासन ने सभी होटल संचालकों, व्यापारियों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि नियमों का पालन कर कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।