मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मेरठ मंडल में धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को मेरठ मंडल की पर्यटन विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित करीब 50.45 करोड़ रुपये की पर्यटन परियोजनाओं पर मंथन किया गया।
मेरठ स्थित आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में मेरठ मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इसमें मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और हापुड़ के धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय लोगों की भागीदारी को जोड़ते हुए पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में पर्यटन विभाग की कुल 27 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें मेरठ जिले की दो, गाजियाबाद की चार, गौतमबुद्ध नगर की तीन, बुलंदशहर की सात और हापुड़ जिले की आठ परियोजनाएं शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत करीब 50.45 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा बढ़ाने तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इसमें पर्यटन स्थलों पर सौंदर्यीकरण, सुविधाओं का विस्तार, पहुंच मार्गों में सुधार और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को विकसित करने की योजना शामिल है।
सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के ऐसे स्थानों को भी पर्यटन मानचित्र पर लाया जाए, जहां धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व तो है, लेकिन पर्याप्त सुविधाओं के अभाव में पर्यटकों की संख्या सीमित रहती है। पर्यटन विभाग इन क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को आकर्षित करने की दिशा में काम कर रहा है।
मेरठ मंडल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां कई ऐसे स्थल हैं जिनका संबंध धार्मिक परंपराओं, स्वतंत्रता संग्राम और प्राचीन विरासत से जुड़ा हुआ है। सरकार की नई योजनाओं से इन स्थलों को बेहतर पहचान मिलने की उम्मीद है।
बैठक में पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि आम जनता और पर्यटकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और सरकार लगातार नए पर्यटन सर्किट विकसित कर रही है। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देकर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेरठ मंडल की इन प्रस्तावित परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है।