प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। मट्टन नाले में दो सगे भाई-बहन के डूबने की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया। देर तक नाले में उनकी तलाश जारी रही।
घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मौके पर मौजूद लोग दोनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। नाले में पानी और बहाव की स्थिति को देखते हुए गोताखोर बेहद सावधानी से अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन कर रहे हैं।
अचानक नाले में डूबे भाई-बहन
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक दोनों सगे भाई-बहन मट्टन नाले के पास पहुंचे थे। इसी दौरान वे पानी की चपेट में आ गए और डूबने लगे। घटनास्थल पर मौजूद लोगों को जब इसका पता चला तो उन्होंने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहरे पानी के कारण सफलता नहीं मिली।
कुछ ही देर में दोनों पानी में ओझल हो गए। इसके बाद घटना की सूचना परिवार और पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भी भारी भीड़ जमा हो गई।
दोनों किन परिस्थितियों में पानी में पहुंचे और हादसा कैसे हुआ, इसकी पूरी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
गोताखोरों को उतारा गया पानी में
पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचने के बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया। स्थानीय गोताखोरों को नाले में उतारकर भाई-बहन की तलाश शुरू की गई। गोताखोर उस स्थान के साथ आसपास के क्षेत्र में भी खोजबीन कर रहे हैं, जहां दोनों को आखिरी बार देखा गया था।
पानी की गहराई और बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में तलाश की जाए। जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त बचाव संसाधनों की मदद भी ली जा सकती है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में मातम जैसा माहौल बन गया। दोनों बच्चों के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और उनकी तलाश जल्द पूरी करने की गुहार लगाते रहे। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव के लोग भी परिवार के साथ मौके पर मौजूद हैं। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में ग्रामीण नाले के आसपास जमा होकर रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने लोगों को नाले से दूर रहने को कहा
हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को नाले के किनारे से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। भीड़ अधिक होने की स्थिति में किसी दूसरे हादसे का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए रेस्क्यू टीम को काम करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
बारिश के मौसम में नदियों, नालों और तालाबों में पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है। कई बार ऊपर से पानी शांत दिखाई देता है, लेकिन अंदर बहाव तेज होता है। ऐसे में गहरे पानी के आसपास विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
मानसून के दौरान नाले और छोटे जलस्रोत भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ किनारों की मिट्टी भी कमजोर हो जाती है। ऐसे स्थानों पर पैर फिसलने की स्थिति में व्यक्ति सीधे गहरे पानी में पहुंच सकता है।
प्रशासन समय-समय पर लोगों से उफनते नालों, नदियों और अन्य जलस्रोतों से दूर रहने की अपील करता है। खास तौर पर बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले नहीं जाने देना चाहिए।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी निगाहें
फिलहाल मट्टन नाले में गोताखोरों की मदद से दोनों भाई-बहन की तलाश जारी है। पुलिस और प्रशासन घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं। दोनों के बारे में कोई पुख्ता जानकारी मिलने तक अभियान जारी रहने की उम्मीद है।
इस घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान जलस्रोतों के आसपास बरती जाने वाली सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल दोनों को जल्द से जल्द तलाश करना है। हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।