लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश के हजारों उचित मूल्य विक्रेताओं यानी कोटेदारों को बड़ी सौगात दी। राज्य सरकार ने कोटेदारों को मिलने वाला कमीशन प्रति कुंतल 90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत ई-पॉस आधारित फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ भी किया। सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के राशन दुकानदारों की आय बढ़ने के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता मजबूत होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में कोटेदारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उचित मूल्य विक्रेताओं को समाज में सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता था। सरकारी व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और राशन की आपूर्ति में होने वाली गड़बड़ियों का खामियाजा कोटेदारों को भुगतना पड़ता था। राशन समय पर नहीं पहुंचने के बावजूद लोगों की नाराजगी दुकानदारों को झेलनी पड़ती थी। इससे कोटेदारों के सामने सम्मान और पहचान का संकट खड़ा हो गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में उनकी सरकार बनने के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ई-पॉस मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया गया। तकनीक के माध्यम से राशन वितरण की निगरानी बढ़ाई गई और पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुंचाना सुनिश्चित किया गया। अब भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से सीधे उचित मूल्य की दुकानों तक राशन पहुंचाया जा रहा है। सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था से बीच के स्तरों को हटाया गया है, जिससे खाद्यान्न की चोरी और कालाबाजारी की आशंका कम हुई है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन भवनों में राशन की दुकान के साथ खाद्यान्न रखने के लिए गोदाम की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे कोटेदारों को राशन के सुरक्षित भंडारण में मदद मिलेगी और लाभार्थियों को बेहतर व्यवस्था के तहत खाद्यान्न प्राप्त हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी स्कूलों में फर्श, पेयजल, शौचालय और फर्नीचर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं। प्रदेश के लगभग एक करोड़ 60 लाख बच्चों को स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और स्वेटर सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले अनेक सरकारी स्कूलों में भवन और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। कई स्थानों पर शिक्षक थे तो विद्यार्थियों की संख्या कम थी। पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में बच्चे शैक्षणिक सत्र पूरा होने से पहले पढ़ाई छोड़ देते थे। वर्तमान सरकार ने इन परिस्थितियों में व्यापक बदलाव किया है।
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्षी समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय गरीबों के राशन कार्ड प्रभावशाली लोगों के पास रखे रहते थे और जरूरतमंद परिवार खाद्यान्न से वंचित हो जाते थे। वर्तमान में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। निराश्रित और दिव्यांग लाभार्थियों के घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब दो करोड़ परिवारों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन और एक करोड़ 53 लाख परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण और कोटेदारों के सम्मान को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। कमीशन में वृद्धि और नई फीडबैक प्रणाली से राशन वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनाया जाएगा।