उर्वरक संकट पर एक्शन में योगी, कालाबाजारी करने वालों पर शिकंजा

Update: 2026-07-28 14:43 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी तरह की खाद की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों को उनकी जरूरत और फसल की मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या किसानों को परेशान करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उर्वरक की उपलब्धता पर मंडल स्तर से लेकर जिला स्तर तक नियमित निगरानी की जाए। किसी भी स्थान पर तकनीकी समस्या या वितरण संबंधी परेशानी सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को फसल की जरूरत के अनुसार सही समय पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और आवश्यकता से अधिक खाद का भंडारण न करें।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष किसानों के लिए अधिक मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है। सरकार लगातार खाद की सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी क्षेत्र में कृत्रिम संकट पैदा न हो।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान प्रदेश में उर्वरक की बिक्री और उपलब्धता की स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने जानकारी दी कि एक अप्रैल से 27 जुलाई तक प्रदेश में कुल 28.25 लाख टन उर्वरक की बिक्री हो चुकी है। वहीं वर्तमान में राज्य के पास करीब 29.05 लाख टन उर्वरक उपलब्ध है।

मौजूदा स्टॉक में 14.77 लाख टन यूरिया, 4.81 लाख टन डीएपी, 4.90 लाख टन एनपीके, 3.46 लाख टन एसएसपी और 1.1 लाख टन एमओपी शामिल है। सरकार का कहना है कि प्रदेश के सभी जिलों में किसानों की जरूरत के अनुसार उर्वरक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न मंडलों में यूरिया का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सहारनपुर मंडल में 43,275 टन, मेरठ में 67,551 टन, आगरा में 95,852 टन, अलीगढ़ में 86,474 टन, बरेली में 1,16,987 टन और मुरादाबाद में 83,972 टन यूरिया उपलब्ध है।

इसी तरह कानपुर मंडल में 1,43,076 टन, प्रयागराज में 1,11,070 टन, झांसी में 47,722 टन, चित्रकूट में 50,189 टन, वाराणसी में 1,09,312 टन और मीरजापुर में 36,014 टन यूरिया उपलब्ध है। आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, लखनऊ और अयोध्या मंडलों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद का स्टॉक मौजूद है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि खाद वितरण केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसानों को सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए और जरूरतमंद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

सरकार का कहना है कि खाद की कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों और बिचौलियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति किसानों को अधिक कीमत पर खाद बेचता है या कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को उर्वरक की कमी का सामना न करना पड़े और फसल उत्पादन प्रभावित न हो।

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