लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि भारत में रहते हुए देश के राष्ट्रीय प्रतीकों, महान हस्तियों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान उन्होंने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
तिरंगा यात्रा की शुरुआत मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग से हुई। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, युवा और नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर निकले लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा में भाग लिया।
काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर आयोजन
तिरंगा यात्रा से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सभा को संबोधित किया। यह आयोजन काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ के मौके पर किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान काकोरी की घटना में योगदान देने वाले क्रांतिकारियों के बलिदान को याद करते हुए युवाओं से राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। इसलिए राष्ट्रीय प्रतीकों और देश के गौरव से जुड़े विषयों के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में रहते हुए किसी को भी राष्ट्रीय प्रतीकों, महान विभूतियों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषयों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान को संज्ञेय और दंडनीय अपराध बनाए जाने से इनकी गरिमा को और मजबूती मिली है।
तिरंगा देश की आन, बान और शान
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को देश की पहचान और गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की सादगी, विकास, विरासत और उसकी आन, बान और शान का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि इसके साथ देश की भावनाएं, स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास और करोड़ों भारतीयों का गौरव जुड़ा हुआ है। इसलिए तिरंगे के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
हजारों युवाओं ने लिया हिस्सा
तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर मुख्यमंत्री के साथ यात्रा की। युवाओं की भागीदारी को आयोजन की खास विशेषता माना गया।
यात्रा के दौरान देशभक्ति के नारों से माहौल गूंजता रहा। प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति समर्पण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यात्रा विधान भवन की ओर बढ़ी।
पंकज चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्री रहे मौजूद
तिरंगा यात्रा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी शामिल हुए। उनके अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी यात्रा में हिस्सा लिया। पार्टी के कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
भाजपा संगठन की ओर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को यात्रा में शामिल होने के लिए जुटाया गया था। कार्यक्रम में युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी से यात्रा को व्यापक स्वरूप मिला।
देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझना चाहिए। राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को इसी जिम्मेदारी का हिस्सा बताया गया।
तिरंगा यात्रा के जरिए सरकार और भाजपा की ओर से युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ने और देश के प्रति गर्व की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
काकोरी के बलिदान को किया याद
काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल है। इसकी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्रांतिकारियों के साहस और बलिदान को याद किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों से प्रेरणा लेकर नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजादी का महत्व तभी समझा जा सकता है, जब देश की युवा पीढ़ी स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और बलिदान को जाने।
राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी समृद्ध विरासत, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव से है। तिरंगा इन सभी भावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करने और देश की प्रतिष्ठा को मजबूत करने में योगदान देने की अपील की।
लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक निकली तिरंगा यात्रा ने काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ को देशभक्ति के संदेश से जोड़ा। हजारों युवाओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में निकली यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लहराते रहे और देशभक्ति के नारे गूंजते रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया कि राष्ट्र के प्रतीकों और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत का सम्मान प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने राष्ट्रीय गौरव, एकता और अखंडता को मजबूत करने के लिए समाज के सभी वर्गों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।