मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भोगांव थाना क्षेत्र में पत्नी और ससुराल वालों से चल रहे विवाद के बीच एक युवक ने कथित तौर पर अपने ही साथियों से खुद पर गोली चलवाने की साजिश रची। उसकी योजना गोली से घायल होकर ससुराल पक्ष के लोगों को जानलेवा हमले के मुकदमे में फंसाने की थी। लेकिन यह साजिश उसके लिए जानलेवा साबित हुई। गोली पीठ में ऐसी जगह लगी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है।
मृतक की पहचान 26 वर्षीय पुष्पेंद्र के रूप में हुई है। वह मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र के रुई गांव का रहने वाला था। पुलिस जांच में सामने आया है कि पुष्पेंद्र का अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में ससुराल वालों को फंसाने के उद्देश्य से उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद पर गोली चलवाने की कथित योजना बनाई थी। हालांकि, यह जानकारी पुलिस की जांच और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर सामने आई है।
ससुराल वालों को फंसाने के लिए रची साजिश
पुलिस के अनुसार, पुष्पेंद्र और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण वह अपने ससुराल पक्ष के लोगों से नाराज था।जांच में सामने आया कि उसने ससुराल वालों को कानूनी मामले में फंसाने के लिए एक योजना बनाई थी। इसके तहत वह खुद को गोली लगवाकर घायल दिखाना चाहता था।उसका कथित उद्देश्य यह था कि गोली लगने के बाद वह ससुराल वालों के खिलाफ जानलेवा हमले का आरोप लगा सके।लेकिन इस योजना के दौरान गोली लगने से उसकी जान चली गई।रुई गांव के पास हुई थी गोलीबारीघटना भोगांव थाना क्षेत्र के रुई गांव के पास हुई थी।
मृतक के पिता रामवीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनका 26 वर्षीय पुत्र पुष्पेंद्र रुई मेला के नजदीक आवास विकास कॉलोनी में बने सीवर प्लांट के पास खड़ा था।इसी दौरान अज्ञात लोगों ने उसे गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।पिता की शिकायत पर पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।उस समय घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट नहीं थीं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की थी।
इलाज के दौरान छह सितंबर को हुई मौत
गोली लगने के बाद पुष्पेंद्र की हालत गंभीर हो गई थी। उसे उपचार के लिए पहले सैफई ले जाया गया।बाद में उसे फर्रुखाबाद पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान छह सितंबर को उसकी मौत हो गई।युवक की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया। पुलिस ने गोलीबारी से जुड़े तथ्यों की जांच आगे बढ़ाई।प्रारंभिक शिकायत में अज्ञात हमलावरों का उल्लेख था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को घटना से जुड़ी अलग जानकारी मिली।इसके आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की और मामले में कार्रवाई शुरू की।मरने से पहले दो दोस्तों के साथ शराब पीने की दी थी जानकारीपुलिस जांच में सामने आया कि घायल अवस्था में पुष्पेंद्र ने अपने दो साथियों के साथ शराब पीने की जानकारी दी थी।
इन दोनों व्यक्तियों की पहचान राहुल और श्रीकांत उर्फ करू के रूप में हुई।राहुल, रमेशचंद्र का पुत्र है और बेवर थाना क्षेत्र के चंदनपुर गांव का रहने वाला बताया गया है।वहीं श्रीकांत उर्फ करू, ध्रुव सिंह का पुत्र है और भोगांव थाना क्षेत्र के रुई गांव का निवासी है।पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को मामले में आरोपी बनाया।मंगलवार को राहुल गिरफ्तारमामले की जांच के दौरान भोगांव कोतवाली पुलिस ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को राहुल को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उसे बेवर के मोटा रोड से उस समय पकड़ा, जब वह ई-रिक्शा से जा रहा था।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने राहुल से पूछताछ की। इसी दौरान घटना के पीछे की कथित साजिश की जानकारी सामने आई।पुलिस के अनुसार, राहुल ने पूछताछ में बताया कि पुष्पेंद्र ने अपने ससुराल वालों को फंसाने के उद्देश्य से खुद पर गोली चलवाने की योजना बनाई थी।आरोपी के बयान की पुष्टि अन्य साक्ष्यों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
एक अन्य आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में राहुल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि श्रीकांत उर्फ करू की तलाश जारी है।जांच में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गोली चलाने की घटना में दोनों आरोपियों की क्या भूमिका थी।
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल हथियार, घटना से पहले की गतिविधियां और योजना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल भी महत्वपूर्ण है।फिलहाल दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद घटना से जुड़ी अन्य परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।पहले अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ था मामलाइस प्रकरण में शुरुआत में मृतक के पिता की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
शिकायत में बताया गया था कि पुष्पेंद्र पर किसी ने गोली चलाई है।लेकिन बाद की जांच में सामने आए तथ्यों ने मामले की दिशा बदल दी।पुलिस के अनुसार, पुष्पेंद्र खुद को घायल करवाकर अपने ससुराल वालों पर हमले का आरोप लगाना चाहता था।इस प्रकार जिस घटना को शुरुआत में अज्ञात हमलावरों की कार्रवाई माना जा रहा था, उसमें बाद में कथित साजिश का पहलू सामने आया।
पत्नी से विवाद बना पूरे मामले की वजह
पुलिस जांच में पुष्पेंद्र का पत्नी से चल रहा विवाद इस घटनाक्रम की महत्वपूर्ण वजह के रूप में सामने आया है।बताया गया है कि वह ससुराल पक्ष को मुकदमे में फंसाना चाहता था।हालांकि, पति-पत्नी के बीच विवाद किस बात को लेकर था और क्या इस संबंध में पहले से कोई मुकदमा दर्ज था, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।ऐसे में वैवाहिक विवाद को लेकर किसी एक पक्ष के खिलाफ अतिरिक्त आरोप लगाना उचित नहीं होगा।फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर घटना की कथित योजना का खुलासा किया है।
पुलिस जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
भोगांव की इस घटना में पुलिस जांच के बाद जो जानकारी सामने आई है, उसने शुरुआती शिकायत से बिल्कुल अलग तस्वीर प्रस्तुत की है।पुलिस का दावा है कि पुष्पेंद्र ने ससुराल वालों को फंसाने के लिए खुद को गोली लगवाने की योजना बनाई थी।लेकिन गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।अब गिरफ्तार राहुल और फरार श्रीकांत उर्फ करू की भूमिका की जांच आगे बढ़ रही है।मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। फिलहाल पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।