बलिया। नरहीं थाना क्षेत्र के कोटवा नारायणपुर घाट पर सावन की सोमवारी के अवसर पर गंगा स्नान करने पहुंचे एक युवक की सोमवार को गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद युवक को गहरे पानी से बाहर निकाला जा सका।
घटना के बाद घाट पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया। सावन की सोमवारी होने के कारण घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे।
स्नान के दौरान गहरे पानी में गया युवक
जानकारी के अनुसार, युवक सावन की सोमवारी पर गंगा स्नान करने के लिए कोटवा नारायणपुर घाट पहुंचा था। स्नान के दौरान वह अचानक गहरे पानी की ओर चला गया और देखते ही देखते डूब गया। आसपास मौजूद लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण तत्काल सफलता नहीं मिली।
युवक के डूबने की खबर फैलते ही घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। श्रद्धालुओं ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही नरहीं थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू कराया।
एनडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा
युवक के गहरे पानी में चले जाने के कारण स्थानीय स्तर पर तलाश में कठिनाई हो रही थी। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने नदी में उतरकर युवक की तलाश शुरू की।
एनडीआरएफ के जवानों ने नाव और अन्य उपलब्ध संसाधनों की मदद से गंगा में कई स्थानों पर सर्च अभियान चलाया। पानी की गहराई और नदी के बहाव के कारण बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कई घंटे तक चले अभियान के बाद युवक को गहरे पानी से बाहर निकाला गया। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। युवक के शव को बाहर निकाले जाने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
घाट पर मौजूद लोगों में मचा हड़कंप
सावन की सोमवारी के कारण कोटवा नारायणपुर घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही थी। लोग गंगा स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा के लिए जा रहे थे। इसी दौरान युवक के डूबने की घटना ने घाट के माहौल को अचानक बदल दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और बचाव अभियान में बाधा न आए, इसके लिए लोगों को घटनास्थल से दूर रहने को कहा।
घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच हादसे को लेकर चिंता भी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना था कि नदी में स्नान के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, खासकर उन स्थानों पर जहां पानी की गहराई अधिक है और बहाव तेज है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना की सूचना युवक के परिजनों को दी गई। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी।
पुलिस हादसे के कारणों की भी जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक किस स्थान पर स्नान कर रहा था और किस परिस्थिति में वह गहरे पानी में चला गया।
हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार घटना स्नान के दौरान डूबने से हुई है।
सावन में बढ़ जाती है घाटों पर भीड़
सावन के महीने में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान करने के बाद मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं।
इसी वजह से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो जाती है। नदी के बढ़ते जलस्तर, तेज बहाव और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में स्नान करना जोखिम भरा हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने और नदी के गहरे हिस्से में नहीं जाने की सलाह दी जाती है। इसके बावजूद कई बार लोग उत्साह में सावधानी बरतना भूल जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
सुरक्षा इंतजामों पर उठते हैं सवाल
गंगा घाटों पर स्नान के दौरान होने वाली घटनाएं नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करती हैं। खासकर पर्व और धार्मिक अवसरों पर जब घाटों पर भीड़ बढ़ जाती है, तब पुलिस, स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
कोटवा नारायणपुर घाट पर युवक के डूबने के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान चलाया। इससे राहत एवं बचाव व्यवस्था की सक्रियता सामने आई, लेकिन हादसा यह भी बताता है कि श्रद्धालुओं को नदी के खतरनाक हिस्सों से दूर रखने के लिए लगातार निगरानी जरूरी है।
परिवार में छाया मातम
युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद उसके परिवार में मातम का माहौल है। सावन की सोमवारी पर धार्मिक आस्था के साथ गंगा स्नान के लिए निकले परिवार को इस तरह की दुखद खबर मिलने से परिजन सदमे में हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी शोक जताया और श्रद्धालुओं से गंगा स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
फिलहाल पुलिस ने शव को बाहर निकालने के बाद आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सावन की सोमवारी के दिन हुए इस हादसे ने घाट पर सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जा रही है कि नदी में स्नान करते समय निर्धारित और सुरक्षित स्थानों का ही इस्तेमाल करें तथा गहरे पानी में जाने से बचें