उत्तराखंड में भारी बारिश से 112 सड़कें बंद, पौड़ी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
पौड़ी में सबसे ज्यादा नुकसान
देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में भूस्खलन और मलबा आने के कारण 112 सड़कें बंद हो गई हैं। इनमें सबसे अधिक प्रभावित जिला पौड़ी गढ़वाल है, जहां बड़ी संख्या में सड़कें बाधित होने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के निर्देश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग (PWD) और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार लगातार बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में पहाड़ियों से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
पौड़ी में सबसे ज्यादा असर
भारी बारिश का सबसे अधिक प्रभाव पौड़ी गढ़वाल जिले में देखने को मिला है। यहां अनेक ग्रामीण सड़कें भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय और बाजारों से संपर्क अस्थायी रूप से टूट गया है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक सेवाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों को जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील भी की है।
चारधाम यात्रा पर भी असर
लगातार बारिश और भूस्खलन का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ रहा है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले कई मार्गों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ स्थानों पर यात्रियों को सुरक्षित पड़ावों पर रोका गया है, जबकि मार्ग साफ करने का कार्य तेजी से जारी है।
प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
सड़क खोलने में जुटी मशीनें
लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन (BRO) और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने के काम में लगी हुई हैं। जहां भी सड़कें बंद हुई हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है। कई स्थानों पर मलबा हटाने के बाद दोबारा भूस्खलन होने से काम प्रभावित हो रहा है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन अलर्ट
राज्य सरकार ने सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत सामग्री और बचाव उपकरण तैयार रखे गए हैं।
जिलाधिकारियों को लगातार स्थिति की समीक्षा करने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।
राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।