नैनीताल में भूस्खलन पर प्रशासन सख्त, दीपक रावत बोले: अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई
Nainital नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल में लगातार सामने आ रही भूस्खलन की घटनाओं को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जिन स्थानों पर भूस्खलन की समस्या सामने आ रही है, वहां कई हिस्सों में स्लोप स्टेबलाइजेशन परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। दीपक रावत ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से काम किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां स्थिरीकरण कार्य शुरू किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में होने वाली घटनाओं को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में आबादी काफी घनी है। कई स्थानों पर ऐसे मकान भी बने हुए हैं, जिनके पास निर्माण की वैध अनुमति नहीं है। प्रशासन की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का नया निर्माण न हो। कुमाऊं आयुक्त ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य जारी रखता है तो संबंधित प्राधिकरण की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में निर्माण करने से बचें।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अनियोजित निर्माण और कमजोर भू-भाग पर गतिविधियां आपदा का खतरा बढ़ा सकती हैं। इसलिए प्रशासन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रहा है। दीपक रावत ने बताया कि प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार विशेषज्ञों की मदद से स्थायी समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है। उत्तराखंड में मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नियमों का पालन करने की अपील की है।