हरिद्वार: पतंजलि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों और विचार-विमर्श के माध्यम से स्वयंसेवकों को सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक किया गया।

इस वर्ष एनएसएस स्थापना दिवस का आयोजन ‘यूथ फॉर ए सेल्फ-रिलायंट इंडिया’ थीम के तहत किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवा अपने कौशल और सामर्थ्य का विकास कर न केवल अपने भविष्य को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

कार्यक्रम के तहत एनएसएस स्वयंसेवकों ने सप्तऋषि आश्रम का भ्रमण किया। यहां उन्होंने आश्रम के विद्यार्थियों के साथ संवाद कर आत्मनिर्भरता, सेवा-भावना, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। आश्रम के प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को आश्रम की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और समाजसेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा-भावना, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा। समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सार्थक, कनिका, डॉली, परबजीत समेत एनएसएस के विभिन्न स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की।

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