देहरादून: उत्तराखंड को वैश्विक साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के नक्शे पर स्थापित करने और सीमांत (बॉर्डर) क्षेत्रों को नई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। इसी श्रृंखला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमाचली क्षेत्र 'गुंजी' में आयोजित 'आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0' में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया और धावकों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में साहसिक खेल गतिविधियों को नया आयाम देने के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने ऐलान किया कि आगामी वर्ष (2027) के मई माह के प्रथम सप्ताह में चमोली जिले के ऐतिहासिक अंतिम गांव माणा पास (Mana Pass) से प्रसिद्ध हिमीय खेल स्थल औली (Auli) तक '100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन' (100 Miles Himalayan Endurance Ultra Run) का आयोजन किया जाएगा।
सीमांत क्षेत्रों का विकास और 'वाइब्रेंट विलेज' को बढ़ावा
गुंजी में उपस्थित धावकों, सेना के जवानों और स्थानीय नागरिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड के सीमांत गांव अब "अंतिम गांव" न कहलाकर देश के "पहला गांव" के रूप में पहचाने जा रहे हैं।
"सीमांत क्षेत्रों में 'आदि कैलाश परिक्रमा रन' जैसे आयोजनों से न केवल साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है, बल्कि हमारे 'वाइब्रेंट विलेज' (Vibrant Villages) की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय जीवनशैली से दुनिया भर के लोग परिचित हो रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मैराथन और रन का आयोजन एथलीटों की सहनशक्ति (Endurance) की परीक्षा तो लेता ही है, साथ ही यह संदेश भी देता है कि उत्तराखंड का सीमांत क्षेत्र खेल, एडवेंचर और वेलनेस टूरिज्म का केंद्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
माणा पास से औली तक '100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन' की घोषणा
उत्तराखंड को विश्व स्तरीय एडवेंचर हब बनाने के अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने '100 माइल्स हिमालयन एंड्योरेंस अल्ट्रा रन' का खाका पेश किया।आयोजन का समय: अगले साल मई महीने का पहला सप्ताह।मार्ग (Route): यह अल्ट्रा रन समुद्र तल से अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित भारत-चीन सीमा के समीप 'माणा पास' से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध स्कीइंग डेस्टिनेशन 'औली' पर समाप्त होगी।
चुनौती और आकर्षण: लगभग 160 किलोमीटर (100 मील) लंबी यह दौड़ दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण और ऊंचे ट्रैक पर होने वाली अल्ट्रा मैराथन में से एक होगी। इसमें देश और विदेश के शीर्ष एथलीटों व एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीनों के भाग लेने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने खेल एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू कर दी जाएं, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों और सुविधाओं का पुख्ता प्रबंध किया जा सके।
आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में दिखा जबरदस्त उत्साह
पिथौरागढ़ के गुंजी में आयोजित आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में देश के विभिन्न हिस्सों से आए एथलीटों, आईटीबीपी (ITBP), भारतीय सेना के जवानों और स्थानीय युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। शून्य से नीचे के तापमान और पतली हवा (कम ऑक्सीजन) जैसी विषम परिस्थितियों के बावजूद धावकों का जज्बा देखने लायक था।
मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं रन में हिस्सा लेकर प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया और विजेताओं को पदक व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश और ॐ पर्वत की यात्रा अब पहले से कहीं अधिक सुगम हो गई है, जिससे इस क्षेत्र में धार्मिक और साहसिक पर्यटन दोनों को एक साथ गति मिली है।
पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी संजीवनी
उत्तराखंड सरकार द्वारा साहसिक पर्यटन के लिए चलाए जा रहे इन अभियानों का सीधा लाभ स्थानीय निवासियों को मिल रहा है।होम-स्टे योजना को मजबूती: गुंजी, धारचूला, माणा और जोशीमठ जैसे इलाकों में होम-स्टे (Home Stay) चलाने वाले ग्रामीणों की आय में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है।अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग: हिमालयन अल्ट्रा रन और परिक्रमा रन जैसे आयोजनों से अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान उत्तराखंड के सुदूर बॉर्डर टूरिज्म की ओर आकर्षित हो रहा है।पलायन पर रोक: सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन के बढ़ने से युवाओं का स्थानीय स्तर पर ठहराव हो रहा है, जिससे रिवर्स माइग्रेशन (Reverse Migration) को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मई में प्रस्तावित 'माणा पास से औली' तक की 100 माइल्स एंड्योरेंस रन उत्तराखंड के साहसिक पर्यटन के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगी।