देहरादून। दीपावली से पहले उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। त्योहार से ठीक पहले सरकार के इस निर्णय को कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग राज्य कर्मचारी संगठन लंबे समय से कर रहे थे। केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की दर बढ़ाए जाने के बाद उत्तराखंड के कर्मचारी भी इसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद कर रहे थे। अब मुख्यमंत्री की स्वीकृति से उनकी मांग पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है।राज्य सरकार का यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं। त्योहार के दौरान परिवारों का खर्च सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाता है। ऐसे में महंगाई भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हुआ महंगाई भत्ता
उत्तराखंड में राज्य कर्मचारियों को अब तक 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था। मुख्यमंत्री धामी द्वारा तीन प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दिए जाने के बाद इसकी दर बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी।इससे पहले मई 2026 में सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी। उस समय डीए की दर 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत की गई थी। यह बढ़ोतरी एक जनवरी 2026 से प्रभावी मानी गई थी।अब सरकार ने एक बार फिर कर्मचारियों के हित में फैसला लिया है। महंगाई भत्ते की बढ़ी हुई दर से कर्मचारियों की मासिक आय में वृद्धि होगी।महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य बढ़ती कीमतों के कारण कर्मचारियों की क्रय शक्ति में आने वाली कमी की आंशिक भरपाई करना है।
केंद्र सरकार के फैसले के बाद राज्य ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अंतर्गत वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत वृद्धि करते हुए इसे 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत किया है। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नई दर एक जुलाई 2026 से लागू की गई है।इसी निर्णय के बाद उत्तराखंड के कर्मचारी संगठनों ने भी राज्य सरकार से महंगाई भत्ते में समान वृद्धि करने की मांग तेज कर दी थी। कर्मचारी संगठनों का कहना था कि राज्य कर्मचारियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ते का लाभ मिलना चाहिएमुख्यमंत्री धामी की मंजूरी के बाद राज्य कर्मचारियों को भी 63 प्रतिशत डीए मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, राज्य सरकार के विस्तृत
शासनादेश
से नई दर की प्रभावी तिथि, बकाया राशि के भुगतान और पात्र कर्मचारियों से संबंधित शर्तों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
कर्मचारियों के वेतन में कितनी होगी बढ़ोतरी?
महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की वृद्धि का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि डीए में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी का मतलब कुल वेतन में तीन प्रतिशत वृद्धि नहीं है।
महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी के मूल वेतन के आधार पर की जाती है। ऐसे में अलग-अलग मूल वेतन वाले कर्मचारियों को अलग-अलग राशि का लाभ मिलेगा।उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह है, तो तीन प्रतिशत की वृद्धि से उसे हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा।इसी तरह 40 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 1,200 रुपये और 50 हजार रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 1,500 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त मिलेंगे।यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 60 हजार रुपये है, तो उसके महंगाई भत्ते में प्रतिमाह 1,800 रुपये की बढ़ोतरी होगी।इस प्रकार कर्मचारियों के मूल वेतन के अनुसार उनकी मासिक आय में वृद्धि होगी। यह गणना केवल बढ़े हुए महंगाई भत्ते को दर्शाती है। वास्तविक वेतन भुगतान पर लागू नियमों और कटौतियों का भी प्रभाव पड़ सकता है।
दीपावली से पहले कर्मचारियों को मिली राहत
दीपावली देश के सबसे बड़े त्योहारों में शामिल है। इस दौरान घरों की सजावट, कपड़ों, मिठाइयों, उपहारों और अन्य जरूरी सामान की खरीदारी बढ़ जाती है।ऐसे समय में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर्मचारियों के घरेलू बजट को संभालने में मददगार साबित हो सकती है।सरकार का यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में दैनिक जरूरतों से जुड़ी कई वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है। कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता ऐसी आर्थिक परिस्थितियों से निपटने का एक माध्यम है।इस फैसले से कर्मचारियों के बीच त्योहार से पहले सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है। इसके साथ ही बाजारों में खरीदारी और उपभोग को भी कुछ प्रोत्साहन मिल सकता है।
कर्मचारी संगठनों ने उठाई थी मांग
महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखा था।राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधियों ने भी केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर राज्य कर्मचारियों को 63 प्रतिशत डीए देने की मांग की थी। इस संबंध में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु से कर्मचारी प्रतिनिधियों की मुलाकात की खबर भी सामने आई थी।कर्मचारियों का तर्क था कि जब केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में वृद्धि की है, तो राज्य सरकार को भी जल्द समान निर्णय लेना चाहिए।अब मुख्यमंत्री की मंजूरी से इस मांग पर सकारात्मक फैसला हो गया है।
शासनादेश जारी होने पर साफ होगी भुगतान की स्थिति
मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद कर्मचारियों की नजर विस्तृत शासनादेश पर रहेगी। इससे स्पष्ट होगा कि संशोधित महंगाई भत्ता किस तारीख से देय होगा और यदि कोई बकाया राशि बनती है, तो उसका भुगतान किस प्रकार किया जाएगा।इसके अतिरिक्त पेंशनरों के लिए महंगाई राहत तथा विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों पर लागू प्रावधानों की स्थिति भी संबंधित आदेश से स्पष्ट होगी।
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