देहरादून: उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले गैरसैंण का विधानसभा सत्र राजनीतिक संदेश देने का महत्वपूर्ण मंच बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्र के दौरान और उसके समापन पर सरकार के फैसलों, विकास योजनाओं तथा सुशासन के दावों को सामने रखा। इसे आगामी चुनाव के लिए भाजपा की प्राथमिकताओं के संकेत के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इसे औपचारिक चुनावी घोषणापत्र जारी किया जाना नहीं कहा जा सकता। मुख्यमंत्री ने स्वयं वर्ष 2022 के दृष्टिपत्र के अनुरूप निर्णय लेने की बात कही है। 
गैरसैंण की राजनीतिक अहमियत पर्वतीय क्षेत्रों की अपेक्षाओं और ग्रीष्मकालीन राजधानी की भूमिका से जुड़ी है। राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2026 में मार्च के बजट सत्र के बाद अक्टूबर में यहां दूसरी बार विधानसभा सत्र आयोजित किया गया। सरकार इसे गैरसैंण को विधायी गतिविधियों से जोड़ने और पहाड़ के मुद्दों को प्रमुखता देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत कर रही है। इस तरह सत्र का संदेश सदन की कार्यवाही के साथ क्षेत्रीय आकांक्षाओं तक भी पहुंचता है। 
चुनाव से पहले विकास कार्यों को गति देना और पर्वतीय क्षेत्रों में जनअपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। गैरसैंण में सत्र के आयोजन को इसी संदर्भ में राजनीतिक महत्व मिल रहा है। भाजपा के लिए यहां से विकास और विकेंद्रीकृत शासन का संदेश देना अपनी कार्यशैली को जनता के सामने रखने का अवसर है। यह राजनीतिक आकलन है; आगामी चुनाव के लिए पार्टी की अंतिम रणनीति और औपचारिक घोषणाएं अलग विषय हैं। 
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इसमें विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। सत्र के समापन पर उन्होंने बताया कि अनुपूरक बजट सहित विभिन्न विधेयक पारित किए गए हैं। 
गैरसैंण प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने चमोली जिले की 231.91 करोड़ रुपये की 12 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें 197.87 करोड़ रुपये की छह नई योजनाओं का शिलान्यास तथा 34.04 करोड़ रुपये की छह पूर्ण योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों का संबंध पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, भू-धंसाव से सुरक्षा और पुलिस सुविधाओं से है। 
शिलान्यास वाली योजनाओं में गैरसैंण शहर और आसपास की आबादी के लिए रामगंगा नदी पर प्रस्तावित 122.69 करोड़ रुपये की पेयजल बांध योजना प्रमुख है। कर्णप्रयाग के बहुगुणानगर में भू-धंसाव से सुरक्षा और राजकीय पॉलिटेक्निक गैरसैंण के भवन निर्माण के कार्य भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सड़क संपर्क से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया गया है। ये परियोजनाएं स्थानीय जरूरतों को सरकार के विकास संदेश से जोड़ती हैं। 
पूर्ण योजनाओं में मोटर मार्गों का उच्चीकरण, सुधार और डामरीकरण शामिल है। राजकीय इंटर कॉलेज गैरसैंण के ऑडिटोरियम के साथ थाना और फायर यूनिट के नए भवनों का भी लोकार्पण किया गया। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, इनका उद्देश्य क्षेत्र की शैक्षिक, प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को मजबूत करना है। परियोजनाओं के परिणाम उनके संचालन और स्थानीय लोगों को मिलने वाली सुविधा से स्पष्ट होंगे। 
वहीं, विपक्ष ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, महंगाई और अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी की थी। इससे स्पष्ट है कि चुनावी बहस में सरकार की उपलब्धियों के साथ जनता से जुड़े सवाल भी प्रमुख रहेंगे। भाजपा जहां अपने कामकाज को आधार बनाना चाहेगी, वहीं विपक्ष उन क्षेत्रों पर जवाब मांगेगा जहां उसके अनुसार अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं।
सत्र से सामने आए संकेतों के आधार पर विकास, सरकारी फैसलों और प्रशासनिक जवाबदेही को भाजपा के आगामी प्रचार के प्रमुख विषय माना जा सकता है। ‘डबल इंजन’ के संदेश को प्रभावी बनाने के लिए योजनाओं का समय पर पूरा होना और सेवाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचना अहम होगा। गैरसैंण में हुई घोषणाएं और बजटीय प्रावधान अब क्रियान्वयन की कसौटी पर परखे जाएंगे।
Tags: