उत्तराखंड: बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया, जहां ग्राम प्रधान की बहादुरी और सूझबूझ ने एक युवक की जिंदगी बचा ली। सरयू नदी के तेज बहाव में छलांग लगाने वाले युवक को ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह कपकोटी ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस साहसिक कदम के बाद पूरे क्षेत्र में ग्राम प्रधान की जमकर प्रशंसा हो रही है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार को कपकोट क्षेत्र के पनौरा गांव के पास हुई। बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले 34 वर्षीय कन्हैया पटेल वर्तमान में हाइडिल क्षेत्र में काम करते हैं। बताया जा रहा है कि उनका किसी ठेकेदार के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद युवक काफी तनाव में आ गया और शराब के नशे में उसने बड़ा कदम उठाते हुए सरयू नदी में छलांग लगा दी।
नदी में छलांग लगाते ही युवक तेज बहाव में बहने लगा। सरयू नदी इन दिनों बारिश के कारण उफान पर है, जिससे स्थिति और भी खतरनाक हो गई थी। कुछ दूरी तक बहने के बाद युवक नदी के बीच मौजूद एक बड़े पत्थर पर अटक गया। वह मदद के लिए संघर्ष कर रहा था और आसपास मौजूद लोग बेबस होकर उसे देख रहे थे।
इसी दौरान ग्राम पनौरा के प्रधान वीरेंद्र सिंह कपकोटी की नजर युवक पर पड़ी। उन्होंने बिना किसी देरी के अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरने का फैसला लिया। तेज बहाव और खतरनाक हालात के बावजूद ग्राम प्रधान ने हिम्मत दिखाई और युवक तक पहुंच गए। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने युवक को पकड़कर सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया।
स्थानीय लोगों ने ग्राम प्रधान के इस साहसिक कार्य की सराहना की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते वीरेंद्र सिंह कपकोटी ने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो यह घटना बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी। नदी का बहाव काफी तेज था और युवक की जान बचाना आसान नहीं था, लेकिन ग्राम प्रधान ने अपनी सूझबूझ और साहस से एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया।
घटना की सूचना मिलते ही कपकोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार युवक को मामूली चोटें आई हैं और उसकी हालत खतरे से बाहर है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने भी ग्राम प्रधान के प्रयासों की सराहना की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय पर मिली सूचना और ग्रामीणों की सक्रियता के कारण युवक को सुरक्षित बचाया जा सका। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
गौरतलब है कि मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में नदी किनारे जाना या जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रशासन लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
कपकोट की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मुश्किल समय में किसी की मदद के लिए आगे आने वाला साहस और मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है। ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह कपकोटी ने अपनी बहादुरी से न सिर्फ एक युवक की जान बचाई, बल्कि समाज के सामने इंसानियत की मिसाल भी पेश की है।