हरिद्वार : धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था के प्रमुख केंद्र हरकी पैड़ी के समीप गंगा घाट पर एक युवक के शराब पीते पकड़े जाने से हंगामा खड़ा हो गया। पवित्र गंगा तट पर इस तरह की गतिविधि देखकर मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों ने युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया और मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
घटना हरकी पैड़ी क्षेत्र के निकट गंगा घाट की बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक महत्व वाले इस स्थान पर शराब का सेवन करते देख लोगों ने इसका विरोध किया। लोगों का कहना था कि हरकी पैड़ी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे स्थान पर इस तरह की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक गंगा घाट के आसपास बैठकर शराब पी रहा था। वहां मौजूद कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसका विरोध किया। स्थानीय लोगों ने युवक को पकड़ लिया और उससे पूछताछ की। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद अन्य श्रद्धालु भी मौके पर जुट गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि हरकी पैड़ी जैसे पवित्र स्थान की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गंगा घाटों और धार्मिक स्थलों पर निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हरिद्वार में देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं और यहां की धार्मिक पहचान गंगा और उससे जुड़े घाटों से है। ऐसे में घाटों पर शराब पीना या अन्य प्रतिबंधित गतिविधियां करना पूरी तरह अनुचित है।
घटना के बाद लोगों ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि घाट क्षेत्र में नियमित निगरानी और गश्त होती रहे तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
हरिद्वार प्रशासन और पुलिस समय-समय पर गंगा घाटों पर स्वच्छता और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए अभियान चलाते रहे हैं। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना और धार्मिक स्थलों की गरिमा को प्रभावित करने वाली गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी करते हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि हरकी पैड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। खासतौर पर शाम और रात के समय घाटों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं का कहना है कि हरिद्वार केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थान है। यहां आने वाले लोगों को भी इसकी पवित्रता और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
इस घटना के बाद एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि हरिद्वार जैसे पवित्र स्थानों की गरिमा बनी रहे।
फिलहाल युवक के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, स्थानीय लोगों की नाराजगी के बाद प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह ऐसे मामलों में सख्ती बरतेगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।