24 तक मांग पूरी नहीं हुई तो सम्मान पत्र वापस करेंगे आंदोलनकारी
24 तक मांग पूरी करने की मांग, वरना लौटाएंगे सम्मान पत्र
रुड़की: चिन्हीकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित करने की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति ने संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।
वरिष्ठ आंदोलनकारी 85 वर्षीय चक्रधर देवरानी ने कहा कि चिन्हित नहीं तो वोट नहीं। उन्होंने कहा कि हम सभी भाजपा के वोटर हैं, लेकिन भाजपा सरकार ही आंदोलनकारियों का सबसे बड़ा अपमान कर रही है।
समिति के केंद्रीय अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने चेतावनी दी कि डीएम हरिद्वार की अध्यक्षता में 2016 से बैठकें होने और प्रमाण पत्र सत्यापित होने के बाद भी चिन्हीकरण न करना आंदोलनकारियों का अपमान है। अगर 24 सितंबर तक सभी वंचित आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण नहीं किया गया तो 2 अक्टूबर को शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री को अपना राज्य आंदोलनकारी सम्मान पत्र वापस कर देंगे और पेंशन भी नहीं लेंगे।
अनिल उप्रेती, प्रवेश जोशी ने कहा कि राज्य बने 26 वर्ष हो गए, लेकिन सम्मान नहीं मिला। शकुंतला सती ने विधानसभा चुनाव बहिष्कार की घोषणा की। कमला बमोला, सुरेंद्र कुकरेती, विजय रावत सहित अनेक आंदोलनकारी मौजूद रहे।