गोपीनाथ और बैराशकुंड में भक्तों की लंबी कतारें

Update: 2026-07-20 15:21 GMT

गोपेश्वर (चमोली)। सावन महीने के पहले सोमवार के अवसर पर उत्तराखंड के चमोली जिले के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों के बाहर कतारों में खड़े नजर आए। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में सावन के पहले सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित प्रसिद्ध गोपीनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लग गईं। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

गोपीनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए मंदिर परिसर में कर्मचारियों की तैनाती की गई। सुबह से लेकर दिनभर मंदिर में भक्तों का आना-जाना जारी रहा।

इसके अलावा ज्योतिर्मठ स्थित ज्योतेश्वर महादेव मंदिर, नंदनगर क्षेत्र के प्रसिद्ध बैराशकुंड महादेव मंदिर, बटलेश्वर महादेव मंदिर और सकलेश्वर महादेव मंदिर सहित जिले के अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान शिव को बेलपत्र, दूध, जल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर पूजा-अर्चना की।

सावन महीने में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है। इसी आस्था के चलते पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे।

चमोली जिले के कई शिव मंदिरों में विशेष रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पुजारियों ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन कराया। कई मंदिरों में भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

नंदप्रयाग, पोखरी और अन्य क्षेत्रों के प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा कर भगवान भोलेनाथ से परिवार की खुशहाली और क्षेत्र की समृद्धि की प्रार्थना की।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी सक्रिय रहा। मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई। पुलिस जवानों को भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया गया। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जरूरी इंतजाम किए गए।

सावन के पहले सोमवार पर चमोली के शिवालयों में देखने को मिली आस्था और भक्ति की तस्वीर ने पूरे जिले को शिवमय बना दिया। मंदिरों में गूंजते मंत्रोच्चार, घंटियों की आवाज और हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपने परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना की।

धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के कारण चमोली के शिव मंदिरों में सावन के दौरान विशेष महत्व रहता है। आने वाले सोमवारों में भी जिले के प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर समितियां और प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं, ताकि भक्तों को आसानी से दर्शन और पूजा का अवसर मिल सके।

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