उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, दो दिन बाद फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा

Update: 2026-07-30 09:10 GMT

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में सड़कें बाधित होने, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और भूस्खलन की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि राहत की बात यह रही कि मौसम में कुछ सुधार के बाद दो दिनों से स्थगित चारधाम यात्रा गुरुवार सुबह से दोबारा शुरू कर दी गई। प्रशासन ने विभिन्न पड़ावों पर रोके गए श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से धामों के लिए रवाना कर दिया।

चारधाम यात्रा दोबारा शुरू होने से हजारों श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। पिछले दो दिनों से खराब मौसम और लगातार भूस्खलन के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यात्रा पर रोक लगा दी गई थी। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि किसी भी स्थान पर खतरे की आशंका बढ़ती है तो आवश्यकतानुसार यात्रा को फिर से नियंत्रित किया जा सकता है।

कई स्थानों पर भूस्खलन से मार्ग बाधित

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण चारधाम और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्गों पर भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ (गौरीकुंड) राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर मलबा और चट्टानें गिरने से अवरुद्ध हो गया है। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

इसी प्रकार उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राजमार्ग भी भूस्खलन की चपेट में है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से लगातार पत्थर और मलबा गिर रहा है, जिससे मार्ग अत्यंत जोखिमपूर्ण बना हुआ है। लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें मार्गों को खोलने के लिए लगातार मशीनों के माध्यम से मलबा हटाने में जुटी हुई हैं।

अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा

लगातार वर्षा के कारण रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गुरुवार सुबह जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और श्रद्धालुओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से जलधाराओं के पास न जाने की सलाह दी गई है।

लाउडस्पीकर से किया जा रहा जागरूक

संभावित खतरे को देखते हुए नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की ओर से लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को मौसम की स्थिति, नदियों के बढ़ते जलस्तर और सुरक्षा उपायों की जानकारी दे रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया जाएगा।

यात्रा मार्गों पर बढ़ाई गई निगरानी

चारधाम यात्रा दोबारा शुरू होने के साथ ही प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। जहां कहीं भी भूस्खलन की संभावना है, वहां यात्रियों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें। खराब मौसम की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की अपील की गई है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में आगामी दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदियों के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

इसके मद्देनजर जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राहत और बचाव दल मुस्तैद

प्रदेश सरकार ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है। आपदा प्रबंधन, एसडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। संवेदनशील इलाकों में मशीनरी और राहत सामग्री भी पहले से उपलब्ध कराई गई है।

सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही संचालित की जा रही है। यदि मौसम दोबारा बिगड़ता है या किसी मार्ग पर खतरा बढ़ता है तो यात्रा को अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है।

फिलहाल यात्रा फिर से शुरू होने से श्रद्धालुओं में उत्साह है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। वहीं, नदियों के बढ़ते जलस्तर और संवेदनशील मार्गों की स्थिति को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने और केवल प्रशासन की अनुमति के अनुसार ही यात्रा करने की अपील की गई है।

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