उत्तराखंड में चार नए प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी
चार शहरों में शुरू होंगे युवाओं के प्रशिक्षण केंद्र
देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग और एम3एम फाउंडेशन के बीच गुरूवार काे समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इसके तहत देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर और पिथौरागढ़ में प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे।
समझौते के तहत युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऑटोमोबाइल, ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और प्लंबिंग जैसे रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के साथ उद्योगों से संपर्क, प्लेसमेंट सहायता और प्रशिक्षण के बाद टिकाऊ आजीविका पर भी जोर रहेगा।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के निदेशक (प्रशिक्षण) संजय कुमार और एम3एम फाउंडेशन की मैनेजिंग ट्रस्टी एवं प्रेसिडेंट डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
प्रारंभिक चरण में चार प्रशिक्षण केंद्रों को संचालित करने की योजना है। स्थानीय परिस्थितियों और संभावित लाभार्थियों की उपलब्धता के आधार पर अल्मोड़ा और बड़कोट में भी केंद्र स्थापित किए जा सकते हैं। प्रत्येक केंद्र पर स्थानीय उद्योगों की मांग और रोजगार की संभावनाओं के अनुसार कम से कम दो पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
युवाओं को जूनियर टेक्नीशियन-इलेक्ट्रिक व्हीकल, ऑटो इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, ऑटोमोबाइल रिपेयर एंड मेंटेनेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और प्लंबिंग जैसे पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग के अनुसार पाठ्यक्रमों का चयन स्थानीय औद्योगिक मांग और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
एम3एम फाउंडेशन की चेयरपर्सन एवं ट्रस्टी डॉ. पायल कनोडिया ने कहा कि साझेदारी का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रदान कर रोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सहयोग से राज्य में कौशल विकास को अधिक उद्योग-केंद्रित और परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में उप निदेशक सेवायोजन चंद्रकांता, उप निदेशक (प्रशिक्षण) निरंजन खुगशाल, प्रधानाचार्य दिनकर रौतेला, नोडल अधिकारी यूकेएसडीएम विनीता बडोनी और एम3एम प्रतिनिधि अरविंद कुमार शर्मा समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।