पीपलकोटी टनल हादसे का रेस्क्यू ऑपरेशन तेज अब तक नौ मजदूरों की मौत
THDC टनल हादसे में बढ़ा मौत का आंकड़ा रेस्क्यू टीमों की बड़ी चुनौती
चमोली : उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए टनल हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा भरने से कई मजदूर फंस गए। हादसे के बाद अब तक नौ मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और गाद भर गई, जिससे बचाव अभियान बेहद मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर पानी का स्तर मजदूरों के गले तक पहुंच गया था। सुरंग के अंदर जमा मलबा और कीचड़ के कारण रेस्क्यू टीमों को आगे बढ़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हादसा पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टनल के अंदर काम कर रहे मजदूर अचानक आए पानी और मलबे की चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर जमा पानी, गाद और भारी मलबा है। जवानों को सुरक्षा उपकरणों के साथ अंदर भेजा जा रहा है और लगातार हालात का जायजा लिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित मजदूरों को बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तराखंड सरकार भी हादसे पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि घायल मजदूरों का तुरंत इलाज किया जा सके। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्राथमिकता सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।