हल्द्वानी: ऊधम सिंह नगर की रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती ने भाई से हुई मामूली कहासुनी के बाद कथित रूप से बड़ा कदम उठा लिया। खाना बनाने के दौरान भाई से बहस होने के बाद नाराज युवती घर से निकलकर गौला पुल पहुंच गई और वहां से नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, समय रहते कुछ युवकों ने युवती को नदी से बाहर निकाल लिया और उसे इलाज के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवती की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, ऊधम सिंह नगर निवासी एक व्यक्ति ने करीब एक सप्ताह पहले हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में किराये का मकान लिया था। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ वहीं रहने लगा। बुधवार शाम युवती घर के किचन में खाना बना रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर उसका अपने भाई से विवाद हो गया। परिवार के अन्य सदस्यों ने इसे सामान्य घरेलू बहस समझा और मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
लेकिन कुछ देर बाद युवती घर से निकल गई और सीधे गौला पुल की ओर चली गई। बताया जा रहा है कि युवती चोरगलिया रेलवे क्रॉसिंग से जुड़े गौला पुल पर पहुंची और वहां से नीचे नदी में छलांग लगा दी। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए।
घटना के समय पुल के नीचे बने सुरक्षा दीवार वाले हिस्से के पास कुछ युवक घूम रहे थे। उन्होंने युवती को नदी में गिरते हुए देख लिया। युवकों ने बिना देर किए तुरंत नदी में उतरकर युवती को बाहर निकाला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और घायल युवती को तत्काल इलाज के लिए एसटीएच पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम युवती का इलाज कर रही है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंच गए।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह फर्त्याल ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस युवती के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि घटना से पहले युवती की अपने भाई से बहस हुई थी। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इसके पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती के बयान और परिवार के सदस्यों से बातचीत के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटी-छोटी पारिवारिक बातों पर युवाओं में बढ़ता तनाव किस तरह गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि गुस्से या भावनात्मक स्थिति में उठाया गया कदम जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे समय में परिवार और आसपास के लोगों को युवाओं की भावनाओं को समझते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।
फिलहाल युवती का एसटीएच में इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।