देहरादून में बारिश के बीच बढ़ा सांपों का खतरा कोबरा समेत 13 सांपों का रेस्क्यू
देहरादून में बारिश के बाद सांपों का आतंक कोबरा समेत 13 का रेस्क्यू
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की बारिश के बीच सांपों के रिहायशी इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ गई हैं। देहरादून जिले के पछवादून क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से कोबरा समेत 13 सांपों का रेस्क्यू किया गया। बारिश के दौरान सांपों के बिलों और प्राकृतिक ठिकानों में पानी भरने के कारण उनके बाहर निकलकर घरों और आसपास के इलाकों में पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। सांपों के लगातार रिहायशी क्षेत्रों में दिखाई देने से स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल है। हालांकि, विशेषज्ञों और रेस्क्यू टीमों की मदद से सांपों को सुरक्षित पकड़कर प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है।
बारिश के साथ बढ़ा सांपों का खतरा
मानसून के दौरान लगातार बारिश होने से सांपों के रहने वाले स्थानों में पानी भर जाता है। ऐसे में वे सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में बाहर निकलते हैं। यही वजह है कि खेतों, घरों, गोदामों और अन्य रिहायशी स्थानों पर सांप दिखाई देने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। देहरादून के पछवादून क्षेत्र में भी इसी तरह की परिस्थितियों के बीच कई स्थानों से सांपों के रेस्क्यू की सूचना सामने आई है।
कोबरा समेत 13 सांपों का रेस्क्यू
रिपोर्ट के अनुसार, बारिश के मौसम में अलग-अलग जगहों से 13 सांपों को रेस्क्यू किया गया। इनमें जहरीले कोबरा भी शामिल थे। रेस्क्यू टीमों ने सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर सावधानी से सांपों को पकड़ा। इस दौरान लोगों को सांपों से दूरी बनाए रखने और खुद उन्हें पकड़ने की कोशिश नहीं करने की सलाह दी गई।
घरों में घुसने लगे सांप
बारिश के दौरान सांप अक्सर नालियों, दरवाजों के नीचे की खाली जगह, लकड़ी के ढेर, स्टोर रूम और अन्य सुरक्षित स्थानों में पहुंच सकते हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में यह खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है, क्योंकि घरों के आसपास झाड़ियां, खेत और खुले स्थान मौजूद होते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में घर के आसपास सफाई रखना और सामान को व्यवस्थित रखना जरूरी है।
सांप दिखे तो क्या करें?
अगर घर या आसपास सांप दिखाई दे तो उसे मारने या पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखकर तुरंत स्थानीय वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए। सांप को घेरने या उसके करीब जाने से खतरा बढ़ सकता है। खासकर कोबरा जैसे जहरीले सांप के मामले में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
रात के समय रहें ज्यादा सावधान
बारिश के मौसम में रात के समय घर से बाहर निकलते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अंधेरे स्थानों पर पैर रखने से पहले टॉर्च का इस्तेमाल करना चाहिए। जूते, कपड़े या ऐसे सामान जो लंबे समय से बाहर पड़े हों, उन्हें इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह जांच लेना भी उपयोगी सावधानी है।
सांप काटने पर झाड़-फूंक से बचें
सर्पदंश की स्थिति में किसी भी तरह की झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाना खतरनाक हो सकता है। पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए। जहरीले सांप के काटने की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है।
वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाने की अपील
रेस्क्यू टीमों का उद्देश्य सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ना है। ऐसे में लोगों से वन्यजीवों को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की जाती है। सांप पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और चूहों जैसे कई जीवों की संख्या नियंत्रित करने में उनकी भूमिका होती है।
मानसून में क्यों बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं?
बारिश के दौरान सांपों के प्राकृतिक ठिकानों में पानी भरने के साथ उनके शिकार और भोजन की गतिविधियां भी बदलती हैं। इसके चलते वे नए स्थानों की तलाश में बाहर निकल सकते हैं। देहरादून जैसे ऐसे क्षेत्रों में जहां शहरी और प्राकृतिक क्षेत्र एक-दूसरे के करीब हैं, मानव बस्तियों में सांपों के पहुंचने की संभावना बनी रहती है।